मोदी सरकार के दौर में भाजपा से सांसद बनने के बाद पहली बार इलाहाबाद आ रहे वरुण गांधी का दौरा कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इलाहाबाद के यमुनापार में आयोजित तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होने से इतर पूर्व विधायक उदयभान करवरिया से नैनी जेल में होेने वाली मुलाकात को लेकर खासी चर्चा है। फिलहाल इलाहाबाद में वरुण की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां उनके स्वागत को लेकर जगह-जगह होर्डिंग लगाए गए हैं।
इलाहाबाद आकर वरुण का यमुनापार में एक ही दिन में तीन कार्यक्रमों में शिरकत करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह अब साइड लाइन नहीं बल्कि फ्रंट लाइन के नेता के रूप में उभर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद पीलीभीत की सांसद और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी भी वरुण को बड़ी जिम्मेदारी देने की इच्छा जाहिर कर चुकी है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र देव पांडेय कहते हैं, नि:संदेह इस समय वरुण गांधी की सक्रियता बढ़ी है। युवा नेता का लीड करना पार्टी हित में अच्छा संकेत है।
यूपी में सपा के पास मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव तो बसपा के पास मायावती दो ऐसे बड़े चेहरे हैं, जो पहचान के लिए मोहताज नहीं है। इन दोनों पार्टियों के मुकाबले भाजपा अब तक यूपी में सीएम के रूप में कोई बड़ा नाम नहीं तलाश सकी है। कल्याण सिंह के राज्यपाल बन जाने, राजनाथ सिंह के गृहमंत्री और उमा भारती के भी केंद्रीय मंत्री बन जाने के बाद भाजपा के पास अब विकल्प के रूप में चुनिंदा नाम ही बचे हैं। पिछड़ी जाति से आने वाले केशव प्रसाद मौर्य को भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि सीएम के रूप में भाजपा सामान्य जाति के उम्मीदवार को सामने ला सकती है।
लोकसभा चुनाव से पूर्व नैनी जेल में बंद पूर्व विधायक उदयभान करवरिया से होने वाली वरुण गांधी की मुलाकात इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्टी के कई नेताओं का मानना है एक मई को वरुण गांधी और उदयभान की नैनी जेल में होने वाली मुलाकात एक सोची समझी रणनीति है। दरअसल जेल मेें बंद होने की वजह से उदयभान लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ सके थे। दो बार विधायक रह चुके उदयभान इस बार विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। इसके लिए यमुनापार की मेजा सीट उनके लिए मुफीद मानी जा रही है।
ब्राह्मण बाहुल्य इस सीट पर वरुण गांधी का एक मई को कार्यक्रम तय है। इसमें भीड़ जुटाने के लिए उदयभान के समर्थक इन दिनों खासी मेहनत भी कर रहे हैं। इतना ही नहीं उदयभान के करीबी माने जाने वाले एमएलसी डा.यज्ञदत्त शर्मा ने एक दिन पहले ही वरुण के कार्यक्रम को लेकर शहर में प्रेस कांफ्रेंस भी की थी। हालांकि वरुण के पॉलिटिकल सेक्रेटरी नसीब सिंह का कहना है वरुण उदयभान की मां के निधन पर शोक व्यक्त करने मिलने जाएंगे।