इलाहाबाद। अब पुलिस पासपोर्ट वैरीफिकेशन के नाम पर लोगों को दौड़ा नहीं सकेगी। आईजी जोन बृजभूषण ने हर जिले में वैरीफिकेशन की प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए नोडल अफसरों की तैनाती का निर्देश दिया है। पुलिस पर आरोप लगते हैं कि सुविधा शुल्क के लिए वैरीकेशन के नाम पर जानबूझकर लोगों को दौड़ाया जाता है। उन्होंने शुक्रवार को जोन के सभी पुलिस कप्तानों के साथ हुई बैठक में महिलाओं और बच्चों पर होने वाले अपराधों की भी हर 15 दिन में समीक्षा का निर्देश दिया।
आईजी ने नकबजनी की घटनाओं में कमी आने पर संतोष जाहिर किया लेकिन संगठित अपराध करने वाले गिरोहों को चिह्नित करने की कार्रवाई में ढिलाई पर नाराजगी भी जताई। कहा कि गिरोह बनाकर अपराध करने वालों को चिह्नित कर इसी माह गैंग रजिस्टर कर दिए जाएं। उन्होंने वारंटियों की शत प्रतिशत गिरफ्तारी का भी निर्देश दिया। कहा कि वारंटियों के न मिलने पर संपत्ति को सीज करने तथा कुर्की की कार्रवाई को प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
किशोरियों और युवतियों के अपहरण के जितने भी मामले दर्ज होते हैं, उसमें शत प्रतिशत बरामदगी हो। इस मामले में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर, गुंडा एक्ट तथा जिला बदर की कार्रवाईयों में भी तेजी लाई जाए। यातायात व्यवस्था में सुधार के मामले में भी उन्होंने जरूरी दिशा निर्देश दिए। पार्किंग की जगह सुनिश्चित कराने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश भी आईजी ने दिया।