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वंदे भारत ट्रेनः आए थे छोड़ने, दरवाजा बंद हुआ और पहुंच गए कानपुर

Sun, 16 Jun 2019 01:19 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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वाराणसी पहुंची वेंद भारत एक्सप्रेस - फोटो : अमर उजाला
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सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस में अगर आप अपने किसी परिचित या रिश्तेदार को छोड़ने के लिए जा रहे हैं तो ट्रेन के अंदर प्रवेश न करें। क्योंकि इस ट्रेन के सभी कोच में ऑटोमेटिक दरवाजे हैं। जो एक निश्चित समय के बाद बंद हो जाते हैं। हर माह जाने-अनजाने में औसतन दर्जन भर लोग वंदे भारत के दरवाजे बंद हो जाने की वजह से ट्रेन में ही फंस जा रहे हैं और अगले स्टॉपेज तक उन्हें मजबूरी  में सफर करने के साथ भारी भरकम जुर्माना भी देना पड़ रहा है। इलाहाबाद जंक्शन की ही बात करें तो यहां तीन माह के दौरान दस से ज्यादा केस आए हैं, जब किसी यात्री को छोड़ने आया कोई व्यक्ति कानपुर  या वाराणसी पहुंच गया।
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देश में निर्मित पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस का नियमित संचालन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच 17 फरवरी से  शुरू हुआ है। आईसीएफ चेन्नई में निर्मित इस ट्रेन के सभी कोच अत्याधुनिक  सुविधाओं से लैस है। मैट्रो ट्रेन की तर्ज पर इसके सभी कोच के दरवाजे ऑटोमेटिक हैं। ट्रेन रुकने के बाद उसके सभी कोच केे भीतर बाकायदा एनाउंसमेंट भी होता है कि इसमें सिर्फ यात्री ही चढ़ें। क्योंकि कोच के दरवाजे ऑटोमेटिक हैं। बंद होने  के बाद वे अगले स्टॉपेज पर ही खुलेेंगे।

इस एनाउंसमेंट की परवाह किए बगैर तमाम लोग अपने परिचितों को छोड़ने के चक्कर में कोच के अंदर उसे देखने के लिए प्रवेश कर जाते हैं। बीते तीन माह के दौरान औसतन हर माह दर्जन भर लोग दरवाजा बंद होने के चलते ट्रेन के अगले स्टॉपेज तक पहुंच जा रहे हैं। एनाउंसमेंट की अनदेखी के चलते ऐसे  लोगों को  जुर्माना भी देना  पड़ रहा है।
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दिल्ली से वाराणसी तक के किराया का दोगुना है जुर्माना

वंदे भारत एक्सप्रेस में ऐसे लोग जो किसी यात्री को छोड़ने आते हैं और कोच का दरवाजा बंद हो जाने की वजह से अंदर रह जाते हैं, उनसे रेलवे द्वारा जुर्माना लेने का प्रावधान है। वाराणसी से चलने के बाद इस ट्रेन का इलाहाबाद जंक्शन, कानपुर में ही ठहराव है। इसी तरह दिल्ली से चलने के बाद ट्रेन कानपुर और इलाहाबाद जंक्शन पर ही रुकती है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति जंक्शन से ट्रेन में चढ़ता है और कोच  का  दरवाजा बंद हो जाता है तो उसे मजबूरी में ट्रेन के अगले स्टॉपेज तक का सफर करना पड़ेगा।

दिल्ली जाने के लिए इलाहाबाद से ट्रेन का अगला स्टॉपेज कानपुर है, जबकि दूसरी ओर अगला स्टॉपेज वाराणसी है। वंदे भारत में दिल्ली से वाराणसी का चेयर कार (सीसी)और  एक्जीक्यूटिव कार (ईसी) में किराया क्रमश: 1755 व 3300 रुपये है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति दिल्ली, कानपुर या इलाहाबाद जंक्शन पर ट्रेन में चढ़ जाता है तो उसे चेयरकार के लिए 3510 और एक्जीक्यूटिव  कार के लिए  6600 रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। उधर, वाराणसी से दिल्ली का किराया ईसी एवं सीसी श्रेणी में 1700 व 3250 है, जबकि जुर्माने की राशि 3400 एवं 6500 रुपये  है।

‘ट्रेन मेें चेकिंग स्टाफ उत्तर रेलवे दिल्ली का है। औसतन हर माह दर्जन भर लोग डोर बंद हो जाने की वजह से छूट जा रहे हैं। इसमें शुरूआती स्टेशन से आखिरी स्टेशन के कुल किराये का दोगुना जुर्माना लिया जाने का प्रावधान है।’
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00 अजीत कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनसीआर।

वंदे भारत की किराया सूची
कहां से कहां  तक    एक्जीक्यूटिव कार    चेयर कार
इलाहाबाद से नई  दिल्ली    2915    1550
इलाहाबाद से कानपुर    1260    645
इलाहाबाद से  वाराणसी    1190    700
वाराणसी से इलाहाबाद    1050    545
कानपुर से इलाहाबाद    1170    595
नई दिल्ली से इलाहाबाद    2725    1385

जुर्माने की राशि
नई दिल्ली से वाराणसी रूट पर    3510    6600
वाराणसी से नई दिल्ली रूट पर    3400    6500
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