इससे पूर्व वर्ष 2021 में टीजीटी-पीजीटी के 15198 पदों पर भर्ती की गई थी। पिछले तीन वर्षों से कोई नहीं भर्ती नहीं हुई है। जबकि, इस दौरान प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी और पीजीटी के पदों की संख्या बढ़कर 24869 पहुंच गई है। इनमें पीजीटी के 4384 पद और टीजीटी के 20496 पद शामिल हैं।
विज्ञापन वर्ष 2022 की भर्ती पूरी होने के बाद टीजीटी के लिए आवेदन करने वाले 8.69 लाख बीएड बेरोजगारों में से केवल 3539 अभ्यर्थियों का चयन ही हो सकेगा और बाकी 8.65 लाख अभ्यर्थी बेरोजगार रह जाएंगे। वहीं, पिछले तीन वर्षों में जिन छह लाख नए अभ्यर्थियों ने बीएड की डिग्री हासिल की है, वे भी अगली भर्ती के लिए दावेदारों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। नई भर्ती शुरू होने तक बीएड बेरोजगारों की संख्या 15 लाख तक पहुंच जाएगी।
पिछले दिनों प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सदन में बयान दिया था कि प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी के 24869 पद खाली हैं। इनमें पीजीटी के 4384 पद और टीजीटी के 20465 पद खाली हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान का कहना है कि इन रिक्त पदों पर नई भर्ती के लिए शिक्षा सेवा चयन आयोग से लेकर शासन तक कई बार ज्ञापन दिया गया। लेकिन, बीएड बेरोजगारों की कोई सुनवाई नहीं हुई।
राजकीय विद्यालयों में भी दस हजार पद रिक्त
राजकीय विद्यालयों में भी एलटी ग्रेड शिक्षक के तकरीबन दस हजार पद खाली हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को डेढ़ साल पहले छह हजार पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन मिला था। लेकिन, समकक्ष अर्हता स्पष्ट न होने के कारण आयोग ने विभाग को अधियाचन वापस कर दिया था। इसके बाद विभाग ने अधियाचन दोबारा नहीं भेजा। इससे पूर्व वर्ष 2018 में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती हुई थी। बीएड बेरोजगारों को छह साल से नई भर्ती का इंतजार है।