इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) समेत देश के चार सबसे पुराने विश्वविद्यालय आज भी अपने पुराने नाम से ही पहचाने जाते हैं, लेकिन अब इविवि का नाम बदले जाने की तैयारी चल रही है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस मामले में इविवि प्रशासन से कार्य परिषद के सदस्यों की राय सहित एक प्रस्ताव मांग लिया है। हालांकि, इविवि के पूर्व एवं वर्तमान शिक्षकों ने ही इस प्रस्ताव का विरोध शुरू कर दिया है और इविवि की पहचान को बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ दी है। शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय का नाम बदलने से एक फायदा नहीं होगा लेकिन नुकसान ढेरों होंगे।