जीवन शैली से संबंधित जितने प्रकार के रोग हैं, उन सभी में पंचकर्म क्रिया बहुत ही कारगर है। क्योंकि पंचकर्म का कार्य शरीर को शुद्ध करना है, जिससे सभी बीमारियों से निजात मिलती है। पंचकर्म के दौरान पांच कर्म किए जाते हैं। इससे मनुष्य को काफी लाभ मिलता है। - डॉ. राकेश कुमार सिंह, नेपाल
जीवन शैली, दूषित खानपान से होने वाले रोग सहित कई ऐसे कारण हैं, जिनसे तमाम प्रकार की परेशानी खड़ी होती हैं। जिनमें आयुर्वेद का बहुत बड़ा महत्व है। जिसमें पंचकर्म तमाम प्रकार की समस्या को जड़ से बाहर निकालने में कारगर है। इस कार्यशाला में पंचकर्म के महत्व पर वैद्य अपना अनुभव साझा करने के लिए यहां उपस्थित हुए हैं। - डॉ. रवि शंकर, बैंगलोर
पंचकर्म चिकित्सा दो प्रकार की होती है। जिसमें पहली संसोधन प्रक्रिया। इसमें किसी भी रोग में दवा देने से पहले पंचकर्म क्रिया का किया जाना महत्वपूर्ण साबित होता है। वहीं दूसरी संचिमन चिकित्सा है इसमें रोग की दवा चलने के बाद रोगी को ठीक करने के लिए पंचकर्म क्रिया के माध्यम से समस्या को दूर किया जाता है। - डॉ. अतुल वार्ष्णेय, सदस्य, एनसीआईएस
कमर दर्द इंसान के जीवन में 500 से 600 घंटे प्रभावित करता है। ऐसे में वैतरणी वस्ती इसमें काफी कारगर है। इस दौरान दूध में शहद, गुण व इमली मिलाकर सेवन कराया जाता है। इससे रोगी को काफी लाभ मिलता है। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के बायोकेमेस्ट्री विभाग ने दस कमर दर्द से पीड़ित लोगों पर इस शोध को आजमाया है, जिसका परिणाम सकारात्मक देखने को मिला है। - डॉ. एसके राय, प्रयागराज