कई एजेंट हो चुके हैं गिरफ्तार
कंपनी खुलने के बाद राशिद नसीम ने कुछ लोगों को वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजर के महत्वपूर्ण पदों पर रखा। प्लॉट की रजिस्ट्री पर इन्हीं लोगों के दस्तखत होते थे। बाद में प्लॉट न मिलने पर एफआईआर दर्ज हुईं तो दस्तखत करने वाले ही फंसे। पुलिस ने कंपनी के कई एजेंट समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
केस-एक
एजी ऑफिस से सेवानिवृत्त सुधा ने बताया कि कंपनी ने लखनऊ स्थित रियल स्टेट संबंधी योजनाओं में निवेश का झांसा दिया और वहां के मोहनलाल गंज में 551 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से 9.95 लाख रुपये में प्लाॅट बुक कराकर 5.97 लाख रुपये ले लिए। हालांकि, प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया गया। पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो कोर्ट की शरण ली।
केस-दो
वाराणसी के थाना जैतपुरा एलआईजी–6 निवासी देवेश कुमार मिश्रा से 30 जुलाई 2013 को शाइन सिटी कंपनी के द्वारा आठ लाख रुपये लिए गए और वादा किया गया कि उन्हें जमीन दी जाएगी। हालांकि, न तो जमीन पर कब्जा दिया गया और न ही पैसे लौटाए गए। कोर्ट के आदेश पर थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
केस-तीन
टैगोरटाउन निवासी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि बेटी सौम्या सिंह और खुद के नाम से शाइन सिटी कंपनी में 4.90 लाख रुपये निवेश किए थे। एक वर्ष बाद लाभांश के साथ धनराशि लौटाने की बात कही गई थी। कंपनी के कार्यालय पर गए तो जानकारी हुई की सभी धोखधड़ी कर फरार हो गए हैं। कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई।