फोटो मिलान और हस्ताक्षर सत्यापन पर सवाल
पत्र में पूछा गया है कि क्या मूल प्रवेश पत्र में फोटो सुपर इम्पोज या कंप्यूटर एडिटिंग से बदली गई। क्या केंद्र के प्रवेश द्वार पर प्रवेश पत्र और परीक्षार्थी के चेहरे का मिलान किया गया, उपस्थिति पत्रक व प्रवेश पत्र पर किए गए हस्ताक्षरों का सत्यापन हुआ या नहीं, यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित कक्ष निरीक्षक या कर्मी की भूमिका स्पष्ट की जाए। सचिव ने निर्देश दिया है कि बोर्ड पोर्टल पर अपलोड मूल फोटो और प्रवेश पत्र पर चस्पा फोटो के मेटाडाटा की जांच की जाए। यह भी देखा जाए कि फोटो किसी एआई टूल या सॉफ्टवेयर से बदली तो नहीं गई। सॉल्वर के केंद्र में प्रवेश से लेकर पकड़े जाने तक का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखा जाए, ताकि न्यायालय में पहचान का पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किया जा सके।
स्कूल और अभिभावकों की भूमिका भी जांच के दायरे में
सचिव ने पूछा है कि जिस विद्यालय में छात्र अध्ययनरत है, वहां के प्रधानाचार्य या लिपिक द्वारा बोर्ड पोर्टल पर जानबूझकर गलत फोटो तो अपलोड नहीं की गई। साथ ही यह भी जांच की जाए कि वास्तविक पंजीकृत छात्र की वर्तमान स्थिति क्या है, क्या वह लगातार अनुपस्थित रहा। क्या अभिभावकों को इस हेरफेर की जानकारी थी। यदि किसी एजेंट को भुगतान किया गया है तो इसे विवेचना में शामिल किया गया है या नहीं।