जिले की 193 साधन सहकारी समितियों में से आठ समितियों पर इस समय यूरिया उपलब्ध नहीं है। जिला कृषि अधिकारी केके सिंह ने कहा है कि जिले में यूरिया की कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में स्टॉक मौजूद है। जिन आठ समितियों पर यूरिया नहीं है, वहां दो दिन के अंदर स्टॉक पहुंचा दिया जाएगा।
शुक्रवार को संवाद की टीम ने तहसीलवार जिले की सभी साधन सहकारी समितियों पर यूरिया की उपलब्धता की पड़ताल की। इस दौरान जिले की 193 समितियों में से आठ पर यूरिया की उपलब्धता नहीं पाई गई।
इनमें विकास खंड जसरा की छह समितियों में से जारी, चिल्ला गौहानी और लौटाढ़, मेजा की नौ समितियों में से लक्षनकापूरा, सुजनी समोधा, नेवढ़िया व पथरा और करछना की नौ समितियों में से पुरैना साधन सहकारी समिति पर यूरिया नहीं मली। वहीं अन्य 185 समितियों पर खाद उपलब्ध मिली।
जिला कृषि अधिकारी केके सिंह ने बताया कि खरीफ की फसल के लिए उनके पास पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी का स्टॉक है। कुछ समितियों पर अस्थायी रूप से यूरिया खत्म हो सकती है, जिसकी आपूर्ति प्रक्रिया चल रही है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
विभागीय अधिकारी व कर्मचारी फील्ड में जाकर सुनिश्चित करेंगे कि कहीं भी कृत्रिम कमी या कालाबाजारी न हो। साथ ही उन्होंने सभी सचिवों व उर्वरक विक्रेताओं को आदेशित करते हुए कहा कि पीओएस मशीन (प्वाइंट ऑफ सेल) के माध्यम से ही खाद की बिक्री की जाए। बिक्री में अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और समितियों से निर्धारित दर पर ही खाद प्राप्त करें। यदि कहीं किसी प्रकार की अनियमितता दिखे तो तत्काल कृषि विभाग को सूचना दें, उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
सोरांव-- सोरांव साधन सहकारी समिति में खाद लेने के लिए लगी किसानों की लाइन