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UPSC Result 2023 : रोज आठ घंटे पढ़ाई कर आईएएस बन गईं स्मृति, मिल सकता है यूपी या एमपी कैडर

Wed, 24 May 2023 05:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

स्मृति में अपनी सफलता के पीछे की वजहों को मंगलवार को साझा किया। उन्होंने बताया कि वह इससे पहले सिविल सर्विसेज में तीन प्रयास कर विभिन्न चरण पास कर चुकी थीं। मगर साक्षात्कार तक चौथे प्रयास में पहुंचीं।
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स्मृति मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिविल सर्विसेज में शीर्ष चार में स्थान बनाने वाली शहर की बेटी स्मृति मिश्रा को बचपन से ही आईएएस बनने का जनून रहा है। चौथे प्रयास में वह इस बार इंटरव्यू तक पहुंचीं। आठ घंटे नियमित पढ़ाई और नोट्स बनाकर रिवीजन करना उनकी कामयाबी का सबसे बड़ा आधार बना।

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स्मृति में अपनी सफलता के पीछे की वजहों को मंगलवार को साझा किया। उन्होंने बताया कि वह इससे पहले सिविल सर्विसेज में तीन प्रयास कर विभिन्न चरण पास कर चुकी थीं। मगर साक्षात्कार तक चौथे प्रयास में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार में मौजूद पैनल ने उनसे विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछे, जिनके उन्होंने बेबाकी से जवाब दिए। उनके उत्तर से पैनल काफी संतुष्ट दिखा। एक सदस्य ने साक्षात्कार निपटते ही इस तरह की बात भी कही जो उन्हें लगा कि वह अच्छी रैंक पाएंगी।

सीओ (द्वितीय) राजकुमार मिश्रा की बेटी स्मृति मिश्रा का आईएएस बनना तय हो गया है। उन्हें सिविल सर्विसेज में चौथी रैंक मिली है। इससे सीओ और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है।

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स्मृति मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
राजकुमार मिश्रा का परिवार प्रयागराज के भारद्वाजपुरम का मूल निवासी है। परिवार में सीओ की पत्नी अनीता मिश्रा, बेटी स्मृति मिश्रा और बेटा लोकेश मिश्रा हैं। स्मृति और लोकेश इन दिनों दिल्ली में अपनी मां के साथ रह रहे हैं। मंगलवार दोपहर बेटी के चयन और चौथी रैंक मिलने की सूचना पाकर सीओ मिश्रा खुशी से फूले न समाए। दफ्तर में भी खुशी की लहर दौड़ गई।

सीओ ने बताया कि बेटी की तमन्ना शुरू से ही आईएएस बनने की रही है। उन्हें भरोसा था कि बेटी आईएएस जरूर बनेगी। हालांकि इतनी शानदार रैंक मिलेगी ये नहीं सोचा था। बेटी प्री से लेकर मेन और साक्षात्कार में सफलता पाती रही। उन्होंने और उनके परिवार ने किसी से यह बात साझा नहीं की। वह लोग स्मृति की सफलता से बेहद खुश हैं।
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स्मृति मिश्रा - फोटो : सोशल मीडिया
बचपन से ही था आईएएस बनने का जुनून

स्मृति के पिता ने बताया कि बेटी को बचपन से ही आईएएस बनने का जुनून सवार था। स्मृति रोज कम से कम आठ घंटे पढ़ाई करती थीं। प्रतिदिन नोट्स तैयार कर उनका रिवीजन करती थीं। शुरू से ही वह टॉपर रही हैं। एक बार फिर उन्होंने सिविल सर्विसेज में शीर्ष पांच स्थानों में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा दिखाई है।

अफसरों ने दी शुभकामनाएं, कप्तान ने लिखा- गौरवान्वित हुआ पुलिस विभाग

स्मृति मिश्रा की सफलता को लेकर पुलिस विभाग में जश्न का माहौल है। एडीजी पीसी मीना, आईजी डॉ. राकेश कुमार सिंह, एसएसपी प्रभाकर चौधरी, एसपी सिटी राहुल भाटी, एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल समेत कई अधिकारियों ने सीओ व स्मृति को शुभकामनाएं दीं। एसएसपी ने सोशल मीडिया सेल के जरिये लिखा है कि पुुलिस विभाग स्मृति की सफलता से गौरवान्वित है।
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