उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने 336 शोध ग्रंथ (थीसिस) शोध गंगा पोर्टल पर अपलोड कर दिए हैं। ऐसे में अब देश-विदेश में बैठे लोग थीसिस को ऑनलाइन देख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर नए शोधार्थी इसकी मदद से अपने शोध को और बेहतर बना सकते हैं। ग्रामीण अंचल में रहने वाले उन छात्रों को भी इसका काफी फायदा मिलेगा, जिनके पास इंटरनेट की सुविधा तो है लेकिन बेहतर संसाधन उपलब्ध न हो पाने के कारण वे शोध पत्रों के अध्ययन से वंचित रह जाते हैं।
मुक्त विवि ने वर्ष 2009 तक के शोध ग्रंथों को ऑनलाइन अपलोड किया है। इसके बाद मुक्त विश्वविद्यालय में पीएचडी की पढ़ाई बंद हो गई थी। वर्ष 2021 से यूजीसी रेगुलेशन 2016 के तहत रेगुलर मोड में पीएचडी की पढ़ाई दोबारा शुरू हुई, जिसके बाद मुक्त विश्वविद्यालय से वर्ष 2009 तक पीएचडी करने वालों की थीसिस को शोध गंगा पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
मुक्त विश्वविद्यालय के उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. राम जनम मौर्या बताते हैं कि कुलपति से निर्देश मिलने के बाद यूजीसी के अनुषांगिक संगठन इनफ्लिवनेट सेंटर से संपर्क किया गया और वहां से मंजूरी मिलने के बाद छह माह के भीतर 14 विषयों के 336 शोध ग्रंथ ऑनलाइन अपलोड कर दिए गए। अब देश-विदेश में बैठे लोग ऑनलाइन माध्यम से इन शोध ग्रंथों को देख सकते हैं।
‘थीसिस ऑनलाइन होने से नए शोधार्थियों को रिसर्च में आसानी होगी। आने वाले समय में मुक्त विश्वविद्यालय में होने वाले सभी शोधों से संबंधित थीसिस ऑनलाइन अपलोड की जाती रहेगी।’
- प्रो. सीमा सिंह, कुलपति, मुक्त विश्वविद्यालय