रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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कर्नलगंज के म्म्योर रोड स्थित निजी अस्पताल में इलाज के लिए आई नैनी निवासी स्वीटी केशरवानी की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की जान गई। उन्होंने कर्नलगंज थाने पहुंचकर नामजद तहरीर भी दी। हालांकि रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई। पुलिस अफसरों का कहना है कि मामले की जांच मेडिकल बोर्ड से कराने के संबंध में रिपोर्ट भेजी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नैनी के चकरघुनाथ निवासी संतोष केशरवानी व्यापारी हैं। उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी स्वीटी केशरवानी (32) को पेट में दर्द की शिकायत पर 10 अगस्त की दोपहर लोकसेवा आयोग के पास स्थित निजी अस्पताल की डॉक्टर को दिखाया तो बताया गया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसके बाद उसी दिन ऑपरेशन का डॅक्टर ने यूट्रस निकाल दिया लेकिन मरीज को होश में नहीं आया।
हालत गंभीर देख शाम छह बजे के करीब डॉक्टर ने उसे म्योर रोड स्थित अस्पताल के आईसीयू में एडमिट करा दिया। बृहस्पतिवार सुबह सूचना दी गई कि मरीज की मौत हो गई है। आरोप है कि जब इलाज करने वाली डॉक्टर से परिजनों ने बात करनी चाही तो वह बिना बताए बाहर चली गईं। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, जिससे वहां हंगामा शुरू हो गया।
सूचना पर पुलिस पहुंची और परिजनों को शांत कराने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लि भेजा। उधर, परिजनों ने कर्नलगंज थाने पहुंचकर तहरीर देकर आरोप लगाया कि मरीज जब डॉक्टर के पास गया तो उसे केवल पेट दर्द की शिकायत थी। लापरवाही के चलते उसकी मौत हुई। ऐसे में डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज किया जाए। एसएसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि मामले की जांच के लिए सीएमओ को लिखा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।