अभ्यर्थी जानना चाहते हैं कि उन्होंने जिन सवालों के जवाब दिए थे, वे सही हैं या नहीं। अभ्यर्थी इस आधार पर अपनी तैयारी का मूल्यांकन करते हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का आरोप है कि आयोग जानबूझकर देर से उत्तरकुंजी और कटऑफ अंक जारी कर रहा है, ताकि कोई गड़बड़ी होने पर अभ्यर्थी उचित फोरम पर मजबूती से अपना दावा पेश न कर सकें।
समिति ने प्रतियोगी छात्रों की ओर से आयोग के अध्यक्ष से मांग की है कि भर्ती परीक्षाओं के कैलेंडर में कटऑफ अंक, प्राप्तांक और संशोधित उत्तरकुंजी जारी किए जाने की प्रस्तावित तिथि भी शामिल की जाए। आयोग ने बीते दिनों परीक्षाओं में पादर्शिता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। ऐसे में आयोग को उत्तरकुंजी और कटऑफ को लेकर की जा रही मांग पर भी विचार करना चाहिए।