अभ्यर्थियों का कहना है कि बीटेक में उन्होंने जो पढ़ाई की, इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड के सवाल उन पाठ्यक्रमों से संबंधित नहीं थे। ऐसे में ज्यादातर अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा से ही बाहर हो जाने की आशंका सता रही है। सचिव को लिखे पत्र में अभ्यर्थियों ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के ही ब्रिज कॉरपोरेशन एवं पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे संस्थानों में केवल गेट स्कोर के आधार पर अभियंताओं की नियुक्ति होती है।
प्रारंभिक परीक्षा में इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड के सम्मिलित 22 नए विषय तकनीकी पदों से सीधे संबंधित नहीं हैं, जबकि सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल अभियंताओं की जिम्मेदारियां विशुद्ध रूप से तकनीकी होती हैं। ऐसे में यह उचित नहीं होगा कि लाखों रुपये खर्च कर बीटेक की शिक्षा ग्रहण करने वाले अभ्यर्थियों को तकनीकी परीक्षा दिए बिना केवल एक प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर बाहर कर दिया जाए।
अभ्यर्थियों मांग की है कि अनारक्षित, ओबीसी व ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम उत्तीर्ण प्रतिशत 30 फीसदी व एससी-एसटी अभ्यर्थियों के लिए 25 फीसदी किया जाएगा। साथ ही प्रारंभिक परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्ण प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाए।
प्री में शामिल हुए थे केवल 40 फीसदी अभ्यर्थी
सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2024 प्रदेश के सात जनपदों के 173 केंद्रों में 20 अप्रैल को आयोजित की गई थी। सहायक अभियंता के 604 पदों पर भर्ती के लिए 78798 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे लेकिन परीक्षा में केवल 40 फीसदी अभ्यर्थी ही शामिल हुए थे।