उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सोशल मीडिया पर आरक्षण को लेकर कथित तौर पर भ्रामक और गलत सूचना प्रसारित करने के मामले में सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सोशल मीडिया पर आरक्षण को लेकर कथित तौर पर भ्रामक और गलत सूचना प्रसारित करने के मामले में सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। आयोग के अनुभाग अधिकारी वकार अहमद अंसारी ने तहरीर दी है।
विज्ञापन
एफआईआर के मुताबिक मुकेश कुमार वर्मा ने अपने एक्स हैंडल से यह दावा प्रसारित किया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा देकर सवर्णों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की बात स्वीकार की है। आयोग ने इस दावे को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है। सोशल मीडिया पर इस तरह की गलत और भ्रामक सूचना प्रकाशित व प्रचारित किए जाने से आयोग की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
आयोग ने कहा कि यह एक सांविधानिक संस्था है। उसके संबंध में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर व असत्यापित सूचना को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने से संस्था की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर आरोपी की पहचान की जा रही है।