पहले सम्मिलित राज्य कृषि सेवा परीक्षा-2020 और अब पीसीएस-2021, दोनों ही प्रारंभिक परीक्षाओं के परिणाम अप्रत्याशित रहे। मानक के मुकाबले सफलता का ग्राफ काफी नीचे रह गया। राज्य कृषि सेवा की प्रारंभिक परीक्षा में मानक के अनुसार पदों की संख्या के मुकाबले 13 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई होना था, लेकिन ढाई गुना भी क्वालीफाई नहीं कर सके। वहीं, पीसीएस में यह मानक 15 गुना था, जबकि मुख्य परीक्षा के लिए पदों की संख्या के मुकाबले महज 11 गुना ही क्वालीफाई कर सके। विशेषज्ञों के अनुसार अचानक बदले पैटर्न के आधार पर छात्र अब तक खुद को ढाल नहीं सके हैं।
राज्य कृषि सेवा के पदों पर पहले पीसीएस परीक्षा के तहत भर्ती की जाती थी। इस बार पदों की संख्या काफी अधिक होने के कारण सम्मिलित राज्य कृषि सेवा का गठन कर अलग से परीक्षा आयोजित कराई गई। परीक्षा के लिए 73792 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। प्रारंभिक परीक्षा में 38039 परीक्षार्थी उपस्थित और 35753 अभ्यर्थी अनुपस्थित थे। राज्य कृषि सेवा के 564 पदों पर भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा के लिए सिर्फ 1283 अभ्यर्थी ही क्वालीफाई कर सके, जो पदों की संख्या के मुकाबले ढाई गुना से भी कम है।