इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेजों के लिए गणित विषय के प्रवक्ता भर्ती में पाठ्यक्रम से बाहर के पूछे गए सवालों पर विशेषज्ञों से राय मांगी है। उप्र लोक सेवा आयोग ने कोर्ट को आश्वस्त किया है कि मामले की अगली सुनवाई तक परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेजों के लिए गणित विषय के प्रवक्ता भर्ती में पाठ्यक्रम से बाहर के पूछे गए सवालों पर विशेषज्ञों से राय मांगी है। उप्र लोक सेवा आयोग ने कोर्ट को आश्वस्त किया है कि मामले की अगली सुनवाई तक परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। 16 नवंबर को मामले में सुनवाई होगी।यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने प्रयागराज के हर्ष सक्सेना और छह अन्य की याचिका पर दिया है।
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याचियों के अधिवक्ता ने दलील दी कि प्रवक्ता भर्ती-2025 के तहत गणित विषय की परीक्षा में पूछे गए 20 प्रश्नों में से करीब 16 प्रश्न वर्ष 2020 में राजकीय इंटर कॉलेज में प्रवक्ता पद के लिए आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्र से दोहराए गए हैं। आरोप है कि ये प्रश्न आयोग की ओर से जारी विज्ञापन के तहत गणित विषय के निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर के हैं। इससे अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हुए हैं।
वहीं, आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि 16 नवंबर तक परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। साथ ही विवादित प्रश्नों के पाठ्यक्रम में शामिल होने या नहीं होने के संबंध में विशेषज्ञों की राय लेने के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने आयोग को एक सप्ताह का समय देते हुए विशेषज्ञों की राय प्राप्त करने का आदेश दिया।