उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC)
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समीक्षा अधिकारी परीक्षा का पेपर लीक में गिरफ्तार अभ्यर्थी जय सिंह से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। एसटीएफ की पूछताछ में पता चला कि समीक्षा अधिकारी परीक्षा में पास होने के लिए चार लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इसके लिए जय ने पेपर पढ़ने के लिए दो लाख रुपये एडवांस दे दिए थे जबकि बाकी के दो लाख रुपये परीक्षा में पास होने के बाद देना था। समीक्षा अधिकारी परीक्षा का पेपर लीक होने का खुलासा होने पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने बीते वर्ष विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले में सुभाष प्रकाश और विवेक उपाध्याय को साथियों के साथ पिछले वर्ष 23 जून को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इन आरोपियों से पूछताछ में भोपाल में पेपर पढ़ने वाले अभ्यर्थी जय समेत अन्य का नाम सामने आया। जिसके बाद मंगलवार रात एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में आरोपी जय को रोहनिया के बेटावर बच्छाव से गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ की पूछताछ में कई राज उजागर हुए। पता चला कि उसकी एसटीएफ तलाश कर रही है, उसे इस बारे में पता चल गया था। एसटीएफ से बचने के लिए उसने रिश्तेदारों व दोस्तों के घरों में पनाह ली। इसके अलावा वह प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, समेत अन्य कई शहरों में अपना ठिकाना बनाया।
इस बीच वह रोहनिया अपने घर आया तो एसटीएफ की टीम ने उसे दबोच लिया। जय सिंह ने पूछताछ में बताया कि समीक्षा अधिकारी 2023 परीक्षा का फॉर्म भरा था। बहरहाल, आरोपी को कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया है।
एसटीएफ की रडार पर पांच और अभ्यर्थी
पूछताछ में जय ने बताया कि चार लाख रुपये में सौदा होने के बाद उसे पिछले साल सात फरवरी को भोपाल के होटल कमल पैलेस आनंद नगर में ठहराया गया। अगले दिन सुभाष और विवेक समेत अन्य लोग पेपर लेकर पहुंचे थे। पता चला कि पेपर उसे ही नहीं, बल्कि अन्य कई अभ्यर्थियों को भी पढ़ाया गया है। पूछताछ में आरोपी ने कई और नामों का खुलासा किया है। चार से पांच अभ्यर्थी एसटीएफ की रडार पर हैं। एसटीएफ के अफसरों ने बताया कि इन आरोपियों को भी जल्द दबोच लिया जाएगा।