उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं को लेकर सीबीआई ने फिर से अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सीबीआई की एक टीम बृहस्पतिवार को भी आयोग पहुंची और वहां कर्मचारियों से दिनभर पूछताछ की गई। वहीं, गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में भी कई प्रतियोगी छात्रों को बुलाया गया। सीबीआई ने उनसे भी बातचीत की और परीक्षाओं में गड़बड़ी संबंधी साक्ष्य इकट्ठा किए।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई पीसीएस-2015, पीसीएस-2011, राजस्व निरीक्षक-2014 और एपीएस-2010 समेत कई परीक्षाओं के टॉपरों से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है, लेकिन इससे पहले सीबीआई इन परीक्षाओं में गड़बड़ी के ठोस सुबूत जुटा लेना चाहती है। यही वजह है कि सीबीआई ने आयोग कर्मियों से पूछताछ फिर शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को सीबीआई की टीम ने आयोग में कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की।
सूत्रों के मुताबिक पीसीएस-2015, पीसीएस-2011 समेत कई परीक्षाओं को लेकर पूछताछ हुई, लेकिन सबसे देर तक अपर निजी सचिव (एपीएस) परीक्षा-2010 को लेकर पूछताछ चली। जांच टीम ने इस परीक्षा से जुड़े अभिलेख फिर खंगाले। सूत्रों का कहना है कि कुछ दस्तावेज भी सीबीआई ने सीज किए हैं। उधर, गोविंदपुर स्थित सीबीआई के कैंप कार्यालय में भी दिनभर अभ्यर्थियों का आना-जाना लगा रहा। इस दौरान अभ्यर्थियों की ओर से कई साक्ष्य कैंप कार्यालय को सौंपे गए। शुक्रवार को भी कैंप कार्यालय में कुछ अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।