उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई टीम मंगलवार को अचानक आयोग पहुंच गई। सीबीआई टीम जब कैंप कार्यालय से आयोग के लिए रवाना हुई, उस वक्त कैंप कार्यालय में पीसीएस-2015 के चयनित अफसरों से पूछताछ चल रही थी। आयोग पहुंचने के बाद सीबीआई ने कुछ सेक्शन अफसरों और अनुसचिवों से पूछताछ की। साथ ही कुछ विशेष मामले में अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेज आयोग से हासिल किए। माना जा रहा है कि अभ्यर्थियों की ओर से दर्ज शिकायतों और सोमवार से शुरू हुई पूछताछ के बाद सीबीआई को भर्ती परीक्षाओं में धांधली से जुड़ा कोई बड़ा सुबूत हाथ लगा है।
सीबीआई कैंप कार्यालय में मंगलवार सुबह 10.30 बजे पीसीएस अफसरों से पूछताछ शुरू की गई। दोपहर ढाई बजे अचानक सीबीआई के एसपी राजीव रंजन अपनी टीम को लेकर आयोग रवाना हो गए। सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि सोमवार को पीसीएस अफसरों से हुई पूछताछ और इससे पहले कुछ अभ्यर्थियों की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर जांच टीम को अचानक आयोग जाना पड़ा। टीम को कुछ सुराग मिले हैं, जिनकी पुष्टि जरूरी थी। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई टीम ने आयोग में छह सेक्शन अफसरों और तीन अनुसचिवों से घंटों पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कई परीक्षाओं के बारे में बात हुई तो केंद्र में पीसीएस-2015 की परीक्षा रही और पूछताछ इसी के इर्द-गिर्द घूमती रही।
सीबीआई ने कुछ विशेष मामलों में अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेज भी मांगे। सीबीआई की टीम ने आयोग को अभ्यर्थियों के नाम बताए और कहा कि उन्हें तत्काल इनसे संबंधित दस्तावेज चाहिए। इनमें पीसीएस-2015 के साथ कुछ अन्य परीक्षाएं भी शामिल हैं। उधर, आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि सीबीआई केवल दस्तावेज लेने आई थी। जांच टीम ने जिन अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेज मांगे थे, उपलब्ध करा दिए गए हैं। आयोग में किसी से पूछताछ किए जाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।