वर्ष 2013 की भर्ती में शमिल हुए उमेश पांडेय, राकेश गुप्ता, शरद कुमार सिंह, संजय वर्मा, शिव कुमार, प्रभात कुमार, एलबी पटेल, जगदीश गुप्ता, दिनेश कुमार, भूपेंद्र कुमार सहित तमाम अभ्यर्थी नई भर्ती के लिए ओवरएज हो चुके हैं।
अपर निजी सचिव (एपीएस) की भर्ती के लिए अभ्यर्थी आठ वर्ष से टाइप और शॉर्टहैंड सीख रहे हैं, लेकिन वर्ष 2013 के बाद इस भर्ती का कोई नया विज्ञापन जारी नहीं किया गया। तमाम अभ्यर्थी नई भर्ती के इंतजार में ओवरएज भी हो गए। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के पास वर्ष 2017-18 में तकरीबन 250 पदों का अधिचायन आया था और पदों की संख्या बढ़कर अब 300 से अधिक हो गई है। सेवा नियमावली में संशोधन न होने से नई भर्ती का विज्ञापन फंसा हुआ है। इससे पूर्व वर्ष 2013 में भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन यह भर्ती भी अटकी हुई है।
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वर्ष 2013 की भर्ती में शमिल हुए उमेश पांडेय, राकेश गुप्ता, शरद कुमार सिंह, संजय वर्मा, शिव कुमार, प्रभात कुमार, एलबी पटेल, जगदीश गुप्ता, दिनेश कुमार, भूपेंद्र कुमार सहित तमाम अभ्यर्थी नई भर्ती के लिए ओवरएज हो चुके हैं। एपीएस भर्ती में टाइप और शॉर्टहैंड की परीक्षा भी होती है। इसके लिए हजारों की संख्या में अभ्यर्थी टाइप, शॉर्टहैंड सीखते हैं।
ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन के लिए टाइप और शॉर्टहैंड का नियमित रूप से अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन नई भर्ती में उन्हें शामिल होने का मौका नहीं मिल सकेगा। उनकी मांग है कि आयोग जब भी एपीएस की नई भर्ती का विज्ञापन जारी कर, उसमें ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को भी शामिल होने का मौका दिया जाए।
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ओवरएज अभ्यर्थियों के अलावा अन्य हजारों अभ्यर्थियों को भी नई भर्ती का इंतजार है। एपीएस भर्ती के लिए उन्हें अलग से टाइप और शॉर्टहैंड सीखना पड़ रहा है। उनका कहना है कि एसएससी एवं अन्य भर्ती संस्थाएं भी स्टेनोग्राफर की परीक्षा कराती हैं। अन्य संस्थाएं समय से परीक्षाएं करा रहीं हैं, लेकिन यूपीपीएससी पदों का अधियाचन मिलने के बावजूद भर्ती शुरू नहीं कर पा रहा।