प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाएं अब प्रिंटिंग प्रेसों एवं विशेषज्ञों का नया पैनल कराएगा। पैनल तैयार होने के बाद आयोग ने एक साल दो वर्षों की भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है। आयोग के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती परीक्षाओं का समय से आयोजन लगाना और गलत सवालों पर रोक लगाना है।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी की गईं यूपीपीएससी की पूर्व परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार का फोन एसटीएफ ने जब्त कर लिया है। फोन में प्रिंटिंग प्रेसों के साथ विशेषज्ञों के बारे में पूरी जानकारी थी, जो पूरी तरह से गोपनीय होती है। एटीएफ के पास पूर्व परीक्षा नियंत्रक का फोन जाने के बाद गोपनीयता भंग हो गई थी और इसी वजह से आयोग को पुराना परीक्षा कैलेंडर भी निरस्त करना पड़ा था।
नए परीक्षा नियंत्रक अरविंद मिश्र के कार्यभार संभालने के बाद प्रिंटिंग प्रेसों और विशेषज्ञों का नया पैनल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई। आयोग ने अब दो साल की भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है। अयोग के सूत्रों का कहना है कि पैनल तैयार होने के बाद ही कैलेंडर जारी किया गया है। परीक्षाओं का समय ये आयोजन कराने में अब कोई बाधा नहीं रह गई है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि विशेषज्ञों का नया पैनल तैयार होने से गलत सवाल पूछे जाने पर रोक लगेगी और अभ्यर्थियों को इससे फायदा होगा।
एक साल में पीसीएस की दो प्री और तीन मेंस परीक्षाएं
आयोग की ओर से साथ दो साल की भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किए जाने से प्रतियोगी छात्रों के लिए भी चुनौती बढ़ी है। साल भर में पीसीएस की दो प्रारंभिक एवं तीन मुख्य परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इस साल 18 अक्तूबर को पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा, 15 दिसंबर को पीसीएस-2019 की प्रारंभिक परीक्षा, अगले साल 20 अप्रैल को पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा, 21 जून को पीसीएस-2020 की प्रारंभिक परीक्षा और 15 अक्तूबर को पीसीएस-2020 की मुख्य परीक्षा कराई जाएगी। तीनों मुख्य परीक्षाएं संघ लोक सेवा आयोग की तर्ज पर नए पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी।