15 अक्तूबर से यूपीआई भुगतान को लेकर ग्राहकों और दुकानदारों में आशंकाएं बढ़ गई हैं। व्यापारियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। गांधी जयंती पर व्यवसायी स्कैनर को काले कपड़े से ढककर प्रदर्शन की तैयारी में हैं, हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी बाकी है
15 अक्तूबर से यूपीआई भुगतान को लेकर ग्राहकों और दुकानदारों में आशंकाएं बढ़ गई हैं। व्यापारियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। गांधी जयंती पर व्यवसायी स्कैनर को काले कपड़े से ढककर प्रदर्शन की तैयारी में हैं, हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।
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वित्त मंत्रालय के अनुसार, एमडीआर सरकारी कर नहीं है। यह सरकार या एनपीसीआई को नहीं जाता, बल्कि बैंकों, पीएसपी और यूपीआई ऐप्स में बंटता है। जिन छोटे दुकानदारों की मासिक आय एक लाख रुपये से कम है, उन्हें इससे छूट मिलेगी। कुछ श्रेणियों में दरें अलग हैं और ग्राहक से अलग से सरचार्ज या मंच शुल्क लेना मना है।
इसलिए, दुकानदार यूपीआई से भुगतान करने वाले ग्राहक से अतिरिक्त पैसा नहीं मांग सकते। बैंक सूत्रों के अनुसार, दो हजार रुपये तक के यूपीआई भुगतान पर कोई कटौती नहीं होगी। पांच हजार रुपये के भुगतान पर 20 रुपये, दस हजार पर 40 रुपये और 20 हजार रुपये पर 80 रुपये की कटौती होगी। हालांकि, इन दरों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।