महाविद्यालयों में छात्रों की संख्या घटने बढ़ने के चलते बढ़ी परेशानी
उच्च शिक्षा निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि कानपुर नगर समेत कुछ जिलों में अभी जनशक्ति निर्धारण नहीं हुआ है। वहां से सूचना आने के बाद पदों की संख्या और कम हो सकती है। निदेशालय ने शासन से पूछा है कि इन 1600 पदों का क्या किया जाए। जनशक्ति निर्धारण के बाद अफसरों को अब नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। अगर इन पदों को समाप्त किया गया तो दोबारा इनका सृजन कर पाना मुश्किल होगा।
पद को समाप्त करना तो आसान है, लेकिन नए पदों का सृजन करना कठिन है। निदेशालय के अफसरों का कहना है कि कॉलेजों में छात्रों की संख्या घटती-बढ़ती रहती है। ऐसे में इंतजार किया जा सकता है। छात्र संख्या बढ़ने पर उसी के अनुपात में भर्ती के लिए पदों की संख्या में भी बढ़ेगी। फिलहाल अभी शासन से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार किया जा रहा है।