कंप्यूटर से स्कैन होने के बावजूद कम अंक मिलने की शिकायत
इस आदेश के बाद परीक्षा कराने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा ओएमआर शीट पर कराई गई थी। ओएमआर में दिए गए उत्तरों का मूल्यांकन सीधे कंप्यूटर स्कैनर से होता है, इसके बावजूद अभ्यर्थियों को कम अंक दिए जाने की शिकायत सही पाई गई है। फिलहाल शासन ने ओएमआर शीट का पुनर्मूल्यांकन कराके नए सिरे से परिणाम जारी करने के आदेश दिए हैं। इस मामलें में परीक्षा कराने वाली एजेंसी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पहले भी शिक्षक भर्ती में हो चुकी है गड़बड़ी
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की परीक्षाओं में पहले भी गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा गड़बड़ी की शिकायतें आईं थी। जांच में पता चला था कि दो अभ्यर्थियों को बिना परीक्षा दिए पास कर दिया गया और 21 अभ्यर्थियों को फेल होने के बाद पास कर दिया गया। इस मामले में तत्कालीन सचिव डॉ. सुत्ता सिंह को निलंबित भी कर दिया गया था। इसके अलावा एक अभ्यर्थी की कॉपी बदले जाने और एक अन्य अभ्यर्थी के अंक बढ़ाए जाने का मामला भी सामने आया था।