आरक्षण खत्म करने पर विरोध जताते लोग।
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प्रयागराज। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से विज्ञापन 47 असिस्टेंट प्रोफेसर के घोषित परिणाम में दिव्यांग जनों और स्वतंत्रता सेनानी आश्रितों के चयन नहीं होने पर एनएसयूआई ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने उच्चतर शिक्षा आयोग पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए दिव्यांग अभ्यर्थियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के अभ्यर्थियों के पक्ष में विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विज्ञापन संख्या 47 के अंतर्गत किए गए चयन में दिव्यांग और स्वतंत्रता सेनानी कोटे के एक भी व्यक्ति का चयन नहीं हो सका। उनका कहना था कि निशक्तता अधिनियम 2016 के अनुसार कम से कम चार फीसदी सीटों पर उनका चयन किया जाना चाहिए था। छात्रों का कहना था कि विज्ञापन 47 में राज्य के अशासकीय महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर 1150 रिक्तियां थी जिसमें 145 (10%) अनुसूचित जाति के लिए तथा 214 (21%) अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रखी गई थी नियमानुसार इनमें से 4% अर्थात 44 पद दिव्यांगों के लिए आरक्षित होने चाहिए किंतु आयोग ने यह कह कर आरक्षण शून्य कर दिया कि उसे उच्च शिक्षा निदेशालय से अधियाचन प्राप्त हुआ उसमें महाविद्यालय वार तथा विषयवार दिव्यांगों के लिए आरक्षण का कोई उल्लेख नहीं मिला है।
दिव्यांगों ने आरोप लगाया है कि निदेशालय अथवा आयोग ने जो अधियाचन का निर्देश महाविद्यालयों को दिया था उसमें निशक्त जनों के लिए क्षैतिज आरक्षण का कोई उल्लेख ही नहीं था। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई के इकाई अध्यक्ष सत्यम कुशवाहा ने कहा एक तरफ तो प्रधानमंत्री जी विकलांगों को दिव्यांग का दर्जा दे रहे हैं और दूसरी तरफ उत्तश्र प्रदेश की भप्ताजपा सरकार और उच्चतर शिक्षा सेआ आयोग दिव्यांगों के आरक्षण पर कुठाराघात करने का कार्य कर रही है। जिसका एनएसयूआई पूर्ण रूप से विरोध करती है और जल्द से जल्द अगर दिव्यांगों का आरक्षण बहाल नहीं हुआ एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें। प्रदर्शन में दुर्गेश प्रताप सिंह प्रशांत समाजसेवी अभिषेक द्विवेदी अश्वनी यादव धनंजय आनंद यादव सांसद सुनील पटेल बादशाह आदित्य कुमार,ओबादा,मो.जैद आदि छात्र मौजूद रहे।