आयोग में अध्यक्ष का पद फरवरी के पहले सप्ताह से खाली है। वहीं, सदस्यों के छह में से चार पद खाली चल रहे हैं। ऐसे में कोरम के अभाव में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती फंसी हुई है। विज्ञापन संख्या-51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर भर्ती होनी है।
नगर निकाय चुनाव के बाद विज्ञापन संख्या-51 के तहत प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती शुरू होने के आसार हैं। चुनाव की अधिसूचना समाप्त होने के बाद उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) को नए अध्यक्ष मिल सकते हैं।
आयोग में अध्यक्ष का पद फरवरी के पहले सप्ताह से खाली है। वहीं, सदस्यों के छह में से चार पद खाली चल रहे हैं। ऐसे में कोरम के अभाव में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती फंसी हुई है। विज्ञापन संख्या-51 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर भर्ती होनी है। आवेदन की प्रक्रिया अगस्त-2022 में पूरी हो चुकी है और आवेदन करने वाले 1.14 लाख अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा की तिथि घोषित होने का इंतजार है।
आयोग में अगर एक सदस्य की नियुक्ति भी कर दी जाए तो कोरम पूरा हो जाएगा और तीन सदस्यों में किसी एक को अध्यक्ष के पद पर नामित करते हुए भर्ती परीक्षा की तिथि घोषित की जा सकेगी। आयोग के सूत्रों का कहना है कि शासन स्तर से संकेत दिए गए हैं कि आयोग भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुट जाए। ऐसे में शासन जल्द ही आयोग में नए सदस्य या अध्यक्ष को नियुक्त कर सकता है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग के छात्र रहे डॉ. अनंत उपाध्याय का चयन दिल्ली विश्वविद्यालय के श्याम लाल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गृह जनपद सुल्तानपुर के गांधी स्मारक इंटर कॉलेज से हुई। इसके बाद इविवि से स्नातक व परास्नातक किया। उन्होंने विभाग की डॉ. सरिता मैक्सवेल के पर्यवेक्षण में शोध कार्य पूर्ण किया।