हालांकि, जरूरत पढ़ने पर शिक्षा सेवा चयन आयोग बीच में प्रस्ताव भेजकर उच्च शिक्षा निदेशालय से रिक्त पदों का अधियाचन मांग सकता है। सूत्रों का कहना है कि आयोग के गठन के बाद अब तक ऐसा कोई प्रस्ताव निदेशालय को नहीं भेजा गया है और निदेशालय ने भी अभी तक रिक्त पदों की गणना शुरू नहीं की है जबकि पिछले दो वर्षों में शिक्षकाें की सेवानिवृत्ति के कारण बड़ी संख्या में पद खाली हुए हैं।
वैसे भी असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर लंबित भर्ती प्रक्रिया अब चुनाव खत्म होने के बाद ही शुरू की जाएगी। जून में चुनाव समाप्त हो जाएंगे और उसी वक्त निदेशालय को भी रिक्त पदों की गणना करनी है ताकि जुलाई की शुरुआत में आयोग को अधियाचन भेजा जा सके। अब आयोग को निर्णय लेना है कि नए पदों पर भर्ती के लिए अलग से विज्ञापन जारी करेगा या पुरानी भर्ती में ही नए पदों को शामिल कर लिया जाएगा।