प्रतियोगियों को सीएम पर पूरा भरोसा
प्रतियोगी छात्र मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विक्की खान कहते हैं कि अगर टीजीटी में टीईटी की अनिवार्यता लागू ही करनी थी तो इसके पहले नोटिस देना चाहिए था ताकि जुलाई में आयोजित हुई टीईटी की परीक्षा में टीजीटी के अभ्यर्थी भी शामिल होते। टीईटी की परीक्षा खत्म होने के बाद ही टीईटी अनिवार्य करने का प्रस्ताव भेज दिया गया है यह अभ्यर्थियों के साथ धोखा है। हम लोगों को मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है कि वह टीईटी से छूट देंगे।
यूपी में छह वर्ष बाद हुआ टीईटी का आयोजन
आठ जनवरी 2020 के बाद यूपी-टीईटी दो, तीन व चार जुलाई को कराई गई थी। उस समय टीजीटी के अभ्यर्थियों को यह जानकारी नहीं थी कि उन्हें टीईटी पास करना अनिवार्य होगा, ऐसे में ये अभ्यर्थी टीईटी में नहीं शामिल हुए थे। वैसे, एनसीटीई के अनुसार वर्ष में दो बार टीईटी का आयोजन होना चाहिए लेकिन यूपी में 2020 के बाद सीधे 2026 में यह परीक्षा कराई गई।