इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समीक्षा अधिकारी 55, सहायक समीक्षा अधिकारी 344, कंप्यूटर सहायक के 15 पदों की भर्ती निकाली थी। ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। क्षैतिज आरक्षण भी दिया गया। परीक्षा के मुख्य अंक के आधार पर मेरिट लिस्ट जारी की गई। दशमलव अंक नहीं लिए गए। 1.75 अंक पर एक अंक माना गया। दो अंक नहीं माना गया। टाइपिंग टेस्ट में न्यूनतम क्वालीफाई स्पीड से सूची तैयार की गई।
जिसको लेकर याचिकाएं दायर की गईं। एकलपीठ ने चयन प्रक्रिया को सही माना लेकिन मेरिट लिस्ट बनाने को सही नहीं माना और नये सिरे से मेरिट लिस्ट जारी करने का निर्देश दिया। इसी आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने सभी पहलुओं पर विचार किया लेकिन सुप्रीम कोर्ट के विधि सिद्धांतों को अपनाते हुए याचिकाओं को पोषणीय नहीं माना।