ट्रैक पर पड़ी मिली युवक-युवती की लाशें
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मोदी सरकार ने यूपी के कई रेलखंडों पर विद्युतीकरण को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। केंद्र सरकार की मंशा है कि रेल विद्युतीकरण के प्रोजेक्ट निश्चित समयावधि तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। इसके अलावा रेल बजट में स्वीकृत प्रोजेक्टों को भी शुरू किया जाए। इलाहाबाद स्थित केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) ने यूपी के तमाम प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए तेजी दिखा दी है। बताया जा रहा है बस्ती-गोरखपुर, इलाहाबाद-मानिकपुर, चुनार-चोपन आदि रेलखंडों के विद्युतीकरण का काम इसी वित्तीय वर्ष में पूरा हो जाएगा। इसके अलावा यूपी के कई अन्य रेल विद्युतीकरण के प्रोजेक्ट शुरू करने की भी कोर ने तैयारी की है।
दरअसल यूपी में अगले साल की शुरूआत में ही विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। केंद्र सरकार के काम प्रदेश की सपा सरकार के खाते में न जाए इसके लिए मोदी सरकार ने रेलवे को चुना है। क्योंकि रेलवे में होने वाले तमाम कार्य सीधे केंद्र सरकार के खाते में ही आएंगे। इस वजह से केंद्र सरकार का सारा फोकस यूपी में रेलवे के तमाम प्रोेजेक्टों पर है। प्रदेश में कोर द्वारा तमाम स्थानों पर रेल विद्युतीकरण के प्रोजेक्ट स्वीकृत हैं। जो काम चुनाव के पहले कराने है उसे प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से बस्ती-गोरखपुर है। इस रेलखंड का गोरखपुर से लखनऊ तक विद्युतीकरण होना है। जबकि गोरखपुर से बरौनी तक भी यह प्रोजेक्ट विद्युतीकरण के लिए स्वीकृत है।
लखनऊ-बस्ती-गोरखपुर रेलखंड में गोंडा-बस्ती के बीच रेल विद्युतीकरण का काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा इलाहाबाद-मानिकपुर-झांसी के बीच रेल विद्युतीकरण के कार्य ने तेजी पकड़ ली है। चुनार-चोपन-सिंगरौली रेलखंड का विद्युतीकरण भी कोर को ही करना है। इस बारे में कोर के महाप्रबंधक महेश मंगल का कहना है कि कोर द्वारा इस वित्तीय वर्ष में 2000 रूट किलोमीटर के विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें यूपी के भी कई प्रोजेक्ट है। उम्मीद है कि इसी वित्तीय वर्ष में तमाम रेलखंडों के विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा।