कार्यक्रम में मौजूद सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य।
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मुख्यमंत्री ने अन्य जिलों के विकास प्राधिकरणों को प्रयागराज के मॉडल पर आगे बढ़ने की नसीहत देने के साथ मुख्तार अंसारी जैसे माफिया पर सीधा हमला बोला तो मंत्रीमंडल के अन्य सहयोगियों एवं भाजपा नेताओं ने भी माफिया तंत्र पर चोट करने के बहाने बुलडोजर बाबा वाली छवि को और धार देने की कोशिश की।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह समेत अन्य नेताओं ने अतीक तथा अन्य माफिया का सपा, बसपा से सीधा संबंध बताते हुए उन्हें घेरने की कोशिश की।मंच से अलौकिक महाकुंभ आयोजन के अलावा अयोध्या, काशी, मथुरा, विंध्यधाम, चित्रकूट आदि धार्मिक नगरों में हो रहे विकास कार्यों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद ने कहा कि प्रयागराज के अलावा अन्य शहरों के धार्मिक स्थलों को भी संवारने का काम केंद्र एवं प्रदेश की सरकार कर रही है। नेताओं ने मोदी-योगी के अलावा माफिया के खिलाफ कार्रवाई, विकास कार्यों के आधार पर 2024 में भाजपा को जीत दिलाने की अपील की।
लाभार्थियों को आवास की चाबी सौंपते सीएम योगी।
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माफिया पर चोट के सहारे जातीय गणना के चक्रव्यूह को भी भेदने की कवायद
लोकसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की ओर से जातीय गोलबंदी तेज कर दी गई है। सपा, कांग्रेस समेत कई अन्य विपक्षी दल जातीय गणना की मांग करके पिछड़ों के ध्रुवीकरण की कोशिश में हैं तो भाजपा ने चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए समान नागरिक संहिता का दांव चला है। इसी के साथ माफिया पर चोट के सहारे भी पार्टी ने अपने पक्ष में जातीय गोलबंदी की कवायद शुरू की है। प्रयागराज आए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई दल माफिया-गुंडों को सरंक्षण देते हैं। वे कुछ जातियों की भी बात करते हैं लेकिन जब माफिया की बात आती है तो वे अपनी जाति के लोगों को भी भूल जाते हैं। उनके लिए माफिया ऊपर होते हैं लेकिन भाजपा सरकार में ऐसा नहीं है। माफिया-गुंडों की कहां जगह है यह सभी लोग देख रहे हैं।
आवास योजना का लोकार्पण करने पहुंचे सीएम योगी।
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अफसरों ने बहाया पसीना, गाड़ियों से लाए गए लाभार्थी
बृहस्पतिवार रात से लगातार हो रही बारिश की वजह से प्रधानमंत्री आवास एवं निर्माण परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम पर भी संकट के बादल मंडराने लगे थे। वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से स्पष्ट कर दिया गया था कि योगी आदित्यनाथ अपनी पूरी टीम के साथ कार्यक्रम में शामिल होंगे।
बारिश स्थल पर पानी भर गया था तो सड़क पर भी जलभराव की स्थिति रही। इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई और पूरा अमला वहीं डटा रहा। रात में ही नाले को खोला गया। साथ ही मैदान की बाउंड्री एक तरह से तोड़ी गई। ताकि, मैदान का पानी तेजी से निकल सके। इसके बाद भी पूरे मैदान में बालू डाला गया। इस पर चकरप्लेट बिछाया गया। हालांकि, इसके बावजूद जगह-जगह कीचड़ की शिकायत बनी रही।
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लाभार्थियों को लाने एवं भीड़ जुटाने की रही। पहले 11 हजार लाभार्थियों के लाने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि मौसम को देखते हुए पांच हजार से अधिक लाभार्थियों को गाड़ियों से लाया गया। वहीं बड़ी संख्या में भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता भी पहुंचे।