बड़े बेटे पर भी घोषित है इनाम
अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद के बड़े बेटे मोहम्मद उमर के खिलाफ भी पुलिस पुलिस इनाम घोषित कर चुकी है। कई साल बीत जाने के बाद भी उमर पुलिस के हाथ नहीं लग सका है।
माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद उमर के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस उसकी काफी लंबे समय से तलाश कर रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रदेश के कई शहरों में छापेमारी और दबिश भी दी जा चुकी है लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लगा।
गिरफ्तारी से बचने के लिए मोहम्मद उमर ने हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
उमर पर कारोबारी को अगवा कर पीटने का आरोप
उमर पर आरोप है कि 26 दिसंबर 2018 को उसने 25-30 बदमाशों के साथ लखनऊ के कृष्णानगर थानाक्षेत्र में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को अगवा किया था।
प्रयागराज निवासी माफिया अतीक अहमद के कहने पर उसके बेटे उमर व गुर्गे कारोबारी को देवरिया जेल की बैरक में ले जाकर बंधक बनाया। वहां उसकी पिटाई की गई।
इसके बाद पिस्तौल सटाकर पांच कंपनियों को अपने करीबियों के नाम करवाया गया। जेल में पिटाई के दौरान मोहित से 45 करोड़ रुपये की जमीन के कागजात पर जबरदस्ती दस्तखत करा लिए गए।
उसे अधमरा कर लखनऊ में फेेंक दिया गया था। वारदात 26 दिसंबर 2018 की है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें अतीक व उसके बेटे सहित कई लोगों को आरोपी बनाया। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन मो. उमर फरार हो गया था।
लावारिस हाल में मिली दो फॉर्च्यूनर थाने लाई गईं
अतीक के बेटे अली समेत सात पर 25 हजार का इनाम घोषित होने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी। चकिया में अतीक के घर पर भी पुलिस पहुंची। इस दौरान कुछ दूर पर संदिग्ध हाल में खड़ी दो फॉर्च्यूनर गाड़ियों को कब्जे में लेकर थाने लाया गया।
करेली एसओ अनुराग शर्मा ने बताया कि दोनों गाड़ियों को खुल्दाबाद थाने भेजवाया गया है। स्थानीय लोगों से पूछा गया लेकिन कोई इन गाड़ियों के बारे में कुछ बता नहीं सका।