इसी इकाई के आधार पर पूरा चुनाव लड़ने का दावा किया जा रहा है। लेकिन, पहले चरण के नामांकन से पहले प्रत्याशियों की सूची जारी न होने से सियासी गलियारों में सवाल खड़े होने लगे हैं। कहा जा रहा है कि कांग्रेस को अभी प्रत्याशी नहीं मिल सके हैं, जिसकी वजह से पहले चरण के नामांकन के पहले भी पार्टी प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं कर सकी है। जबकि, इसके विपरीत कांग्रेस के मुकाबले आप, एआईएमएआईएम जैसी पार्टियों ने अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। इन पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों के नाम भी घोषित कर दिए हैं।
पंचायत चुनाव की स्थिति जानने पहुंचे राष्ट्रीय सचिव
कांग्रेस के गंगापार अध्यक्ष सुरेश यादव और यमुनापार अध्यक्ष अरूण तिवारी दावा करते हैं कि प्रत्याशियों के नामों की घोषणा पहले चरण के नामांकन के बाद की जाएगी। जो लोग पहले चरण में पार्टी के बैनर तले नामांकन करेंगे या समर्थित उम्मीदवार होंगे, उनके नाम भी आंतरिक रूप से तय किए जा रहे हैं। संभावना है कि शनिवार तक तय हो जाएंगे।
उधर, प्रत्याशियों की तलाश पूरी न होने और चुनाव कार्यक्रम की तैयारियों में हो रही देरी पर पार्टी ने राष्ट्रीय सचिव बाजी राव खांडे को यहां भेजकर स्थिति जानी है। बाजी राव खांडे शुक्रवार को यहां पहुंचकर पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह और पार्षद तस्लीमुद्दीन के आवासों पर पदाधिकारियों के साथ बैठकें की। इन बैठकों में गंगापार और यमुनापार के अध्यक्षों ने एक-दो दिन में प्रत्याशियों की सूची तैयार कर घोषित करने की जानकारी दी। इसके अलावा पार्टी ने जिला कांग्रेस कार्यालय पर एक कंट्रेल रूम बनाया है। शहर अध्यक्ष नफीस अनवर को इसका प्रभारी नियुक्ति किया है। वे चुनाव से संबंधित सभी मामलों को कोआर्डिनेट करेंगे।