पंचायतों का आरक्षण तय होने के साथ शिकायतों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। पहले दिन ही 72 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई। इनमें से अधिक आपत्तियां ग्राम प्रधानी को लेकर हैं।
पंचायतों के आरक्षण का बुधवार को प्रकाशन किया गया। इसके बाद से ही शिकायतें आने लगीं थीं। बृहस्पतिवार से लिखित में भी आपत्तियां पहुंचने लगीं। ग्राम प्रधान के लिए 65, जिला पंचायत सदस्य के लिए पांच तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य के दो आपत्तियां आई हैं। लोगों ने शासन की ओर से जारी गाइडलाइन की अनदेखी करके आरक्षण तय करने की शिकायत की है। उनकी यह आपत्ति भी है कि 1995 के आरक्षण की अनदेखी की गई है। आपत्तियां आठ मार्च तक की जा सकेंगी।
संजय गोयल ने मंडलायुक्त का संभाला कार्यभार
संयज गोयल ने बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त का कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने डीएम समेत अन्य अफसरों से मुलाकात की। साथ ही मंडलायुक्त कार्यालय का निरीक्षण किया।
संजय गोयल मेघालय कैडर के 2004 बैच के आईएएस हैं। उत्तर प्रदेश में वह प्रतिनियुक्ति पर 2017 में आए। मूलत: लखीमपुर खीरी के संजय दिल्ली विश्वविद्यालय से विधि स्नातक हैं। वह शिलांग में डीएम रह चुके हैं। यहां कोविड संक्रमण काल के दौरान राहत आयुक्त रहे। मध्यांचल विद्युत निगम में प्रबंध निदेशक समेत कई पदों पर रहे चुके हैं। कानून व्यवस्था के अलावा आगामी कुंभ और स्मार्ट सिटी के अंतर्गत होने वाले कार्यों पर उनका विशेष जोर रहेगा।