पिछले साल ही सीज कर दिए गए थे खाते
अतीक के जिन खातों का अटैचमेंट हुआ है, उन्हें पिछले साल 28 अक्तूबर को पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत सीज कर दिया था। साथ ही इनसे लेनदेन पर रोक भी लगा दी थी। दरअसल पुलिस की जांच पड़ताल में उसके कुल 13 खातों की जानकारी सामने आई थी। लेकिन इनमें से एसबीआई संसद भवन शाखा, नई दिल्ली व एसबीआई उप्र सचिवालय शाखा लखनऊ स्थित खाते पूर्व में ही कुर्क किए जा चुके थे। गौरतलब है कि अतीक पर धूमनगंज थाने में दर्ज गैंगस्टर के मामले में पुलिस ने यह कार्रवाई की थी।
कहां से आई खातों में रकम, होगी पूछताछ
सूत्रों का कहना है कि अस्थायी अटैचमेंट के बाद अब मनी लांड्रिंग मामले की जांच में जुटी ईडी की टीम अहमदाबाद जेल जाकर अतीक से पूछताछ करेगी। उससे पता लगाया जाएगा कि खातों में जमा की गई रकम कहां से आई। इसके अलावा उन कंपनियों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी, जिनके खातों से सीधे अतीक व उसकी पत्नी के खातों में रकम ट्रांसफर हुई।
गुर्गों के साथ ही रिश्तेदार भी रडार पर
सूत्रों का कहना है कि मनी लांड्रिंग मामले की जांच में जुटी ईडी की नजर न सिर्फ अतीक के गुर्गों बल्कि उसके रिश्तेदारों के खातों पर भी है। दरअसल अब तक कि जांच में यह बात सामने आई है कि अतीक ने आपराधिक गतिविधियों से रुपये कमाए और फिर इसे अपने साथ ही अपने रिश्तेदारों के भी खातों में जमा किए। इसके बाद इस ब्लैक मनी को संपत्तियों में निवेश कर व्हाइट किया गया। ईडी की नजर अतीक की उन शेल कंपनियों और उनके संचालकों के खातों पर भी है, जिनसे अतीक या उसके रिश्तेदारों के खातों में रकम भेजी गई।