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High Court : अफजाल अंसारी के गैंगस्टर मामले में सुनवाई टली, अब 20 मई को होगी बहस, चुनाव लड़ने में अड़चन नहीं

Mon, 13 May 2024 01:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट में गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ चल रहे गैंगस्टर के मुकदमे की सुनवाई सोमवार को टल गई। अब इस मामले की सुनवाई 20 मई को होगी। न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की तरफ से बहस की गई। कोई खिलाफ आदेश न होने पर अफजाल के चुनाव लड़ने पर कोई अड़चन नहीं है। 
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अफजाल अंसारी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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सोमवार को गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी के मामले में सुनवाई टल गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमे में बहस के दौरान अधिवक्ता जीएस चतुर्वेदी, दयाशंकर मिस्र ने पक्ष रखा। कहा कि राजनीतिक रंजिश में फंसाया गया है। अफजाल अंसारी के खिलाफ कोई साक्ष्य नहींं है। कहा कि घटना के कई साल बाद गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया था।

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इनके खिलाफ दर्ज मुकदमा फर्जी है। अफजाल पांच बार विधायक और दो बार सांसद चुने गए हैं। बिना भेदभाव के लोगों की मदद करते हैं, इसलिए अपने क्षेत्र में लोकप्रिय हैं। संविधान पर अटूट विश्वास है। इनके पुरखों ने देश की सेवा की है। स्वतंत्रता के लड़ाई में भी भाग लिया है। न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की कोर्ट में सुनवाई की।

सुनवाई टालने और किसी भी तरह के खिलाफ आदेश न होने से फिलहाल अफजाल अंसारी के चुनाव लडने में कोई अड़चन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर रोक लगा रखी है। अब अगली सुनवाई 20 मई को होगी। अफजाल के वकील की ओर से बहस जारी रहेगी।

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क्या है पूरा मामला

भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज किया गया था। गाजीपुर की एमपी एमएलए अदालत ने 29 अप्रैल 2023 को गैंगस्टर मामले में उन्हें दोषी करार देते हुए चार साल की कैद और एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ अफजाल अंसारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।


हाइकोर्ट ने फौरी राहत देते हुए उन्हें जमानत तो दी, लेकिन सजा पर रोक नहीं लगाई। इस कारण उनकी संसद सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने अफजाल की सजा पर रोक लगाते हुए हाईकोर्ट में लंबित अपील को 30 जून तक निस्तारित करने का आदेश दिया था। उधर, राज्य सरकार और कृष्णानंद राय के परिवार की ओर से सजा बढ़ाए जाने की अर्जी भी दाखिल की गई है।

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