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यूपी चुनाव 2022 : चुनाव में शराब का इस्तेमाल रोकने के लिए आबकारी विभाग हुआ सतर्क

Sat, 22 Jan 2022 07:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

रोजाना दुकानों की बिक्री और शेष स्टॉक का मिलान किया जा रहा है। साथ ही इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जा रही है। अफसरों का कहना है कि इस कवायद का मकसद यही है कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए शराब का इस्तेमाल न हो।
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विस्तार
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चुनाव शांतिपूर्ण के साथ ही निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों, इसके लिए तमाम कवायदें की जा रही हैं। इसी के तहत जिला आबकारी विभाग भी जद्दोजहद में जुटा हुआ है। उसकी ओर से जिले भर में स्थित दुकान से बिकने वाली शराब की एक-एक बोतल का हिसाब लिया जा रहा है।

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रोजाना दुकानों की बिक्री और शेष स्टॉक का मिलान किया जा रहा है। साथ ही इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जा रही है। अफसरों का कहना है कि इस कवायद का मकसद यही है कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए शराब का इस्तेमाल न हो।


आमतौर पर शराब की बिक्री का रिकॉर्ड माह के अंत में तैयार होता है। अनुज्ञापी माह के अंत में अपनी बिक्री व शेष स्टॉक का रिकॉर्ड भेजते हैं और फिर जिला स्तर से समग्र रिपोर्ट बनकर मुख्यालय तक भेजी जाती है।
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हालांकि चुनाव में इस बात की प्रबल आशंका होती है कि वोटरों को प्रभावित करने के लिए प्रत्याशियों या उनके समर्थकों की ओर से शराब का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग की ओर से कमर कस ली गई है।


इसके तहत विभाग ने जिले में बिकने वाली शराब की एक-एक बोतल का हिसाब लेना शुरू कर दिया है। आचार संहिता लगने के बाद से ही शराब की बिक्री की रिपोर्ट रोजाना प्रत्येक अनुज्ञापी से लेना शुरू कर दिया गया है।


इसके साथ ही बिक्री के बाद उपलब्ध शेष स्टॉक की जानकारी भी प्रतिदिन एकत्र कर इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिला स्तर पर समग्र रिपोर्ट तैयार होने के बाद से मुख्यालय को भेजा जा रहा है। 

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20 फीसदी से ज्यादा वृद्धि पर होगी जांच
आबकारी विभाग के अफसरों का कहना है कि रोजाना तैयार हो रही रिपोर्ट के जरिए इसकी निगरानी की जा रही है कि शराब की बिक्री में कहीं अप्रत्याशित उछाल तो नहीं आई। इसके लिए औसत बिक्री को आधार बनाया जा रहा है। 20 फीसदी से ज्यादा उछाल आने की स्थिति में जांच कराई जाएगी। जिसमें बिक्री में उछाल आने का कारण पूछा जाएगा। जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में यह मान लिया जाएगा कि कहीं न कहीं इसके पीछे चुनाव को प्रभावित करने की मंशा है। जिस पर कार्रवाई की जाएगी। 

औचक निरीक्षण के लिए बनीं संयुक्त टीमें
अफसरों ने बताया कि बिक्री के रिकॉर्ड की नियमित मॉनिटरिंग के साथ ही अन्य उपाय भी किए गए हैं। आबकारी, जिला प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। यह टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर दुकानों पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंच रही हैं। इस दौरान रोजाना तैयार होने वाली रिपोर्ट और दुकान में उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है। अनियमितता मिलने पर संबंधित से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
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आंकड़ों पर एक नजर
जनपद में कुल अनुज्ञापी- 926(देशी व अंग्रेजी शराब)
रोजाना की औसत बिक्री-
देशी शराब- 1.65 करोड़ रुपये
अंग्रेजी शराब- 1.35 करोड़ रुपये


क्या कहते हैं अफसर
वोटरों को प्रभावित करने के लिए कहीं शराब का इस्तेमाल न हो, इसके लिए बिक्री और स्टॉक के रिकॉर्ड की रोजाना रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। कहीं भी अप्रत्याशित वृद्धि की सूचना मिलती है, तो संबंधित से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी। -जितेंद्र कुमार सिंह, जिला आबकारी अधिकारी
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