ईएलटीआई की ओर से अब माध्यमिक शिक्षकों के लिए जो अंग्रेजी ग्रामर की पुस्तक विकसित जा रही है, उसमें ग्रामर के विभिन्न पक्षों के साथ-साथ हिंदी-अंग्रेजी ट्रांसलेशन को भी शामिल किया गया है। हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद में विद्यार्थियों को होने वाली वास्तविक समस्याओं को चिह्नित कर उनके निराकरण के लिए सामग्री दी जा रही है, जिससे परीक्षाओं में वे अनुवाद से भयभीत न हों और समझ कर अनुवाद कर सकें।
पारंपरिक ग्रामर की पुस्तकों से हटकर इनमें व्याकरण के नियमों को ग्रामर के शब्दजाल से बचाते हुए बहुत आसान भाषा में दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को नियमों को रटना नहीं पड़ेगा और वे उन नियमों को समझकर स्वयं विभिन्न संदर्भों में प्रयोग कर सकेंगे। इनमें समय के साथ अनुपयोगी हो गए नियमों/विषय-वस्तु को सम्मिलित नहीं किया जा रहा है।
इस कार्य में ईएलटीआई के अकादमिक स्टाफ शमा परवीन, कृष्णा कुमारी, रेशु सिंह, संदीप दुबे, कुलदीप पांडे के साथ जीजीआईसी कौशाम्बी व प्रयागराज से रश्मि प्रिया सिंह, रूचि त्रिपाठी, रश्मिता सिंह, एलबीएस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संतोष शुक्ल व राजकीय पीजी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विष्णु प्रताप सिंह योगदान दे रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के शिक्षकों द्वारा इसके पुनरीक्षण बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।