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UP Board : अंग्रेजी व्याकरण के शब्दजाल में नहीं उलझेंगे छात्र, आसान होगा अनुवाद

Fri, 13 Dec 2024 06:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

ग्रामर, राइटिंग स्किल्स (नोट राइटिंग, आर्टिकल राइटिंग, लेटर राइटिंग) और अनुवाद के लिए कोई प्रामाणिक पठन सामग्री उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में ईएलटीआई ने इस अकादमिक सत्र में सबसे पहले कक्षा 9-12 के लिए चार टीचर्स गाइड विकसित की।
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यूपी बोर्ड - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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यूपी बोर्ड के छात्र अब अंग्रेजी ग्रामर के शब्दजाल नहीं उलझेंगे और अनुवाद भी आसान होगा। माध्यमिक शिक्षकों के लिए अंग्रेजी ग्रामर बुक तैयार की जा रही है, जो शिक्षकों के लिए एक रिफरेंस बुक होगी और बोर्ड के पाठ्यक्रम में ग्रामर संबंधी सभी टॉपिक्स को कवर करेगी। शिक्षक इस ग्रामर बुक की मदद से छात्राें के लिए अंग्रेजी भाषा का आसान बनाएंगे।

समग्र शिक्षा अभियान के तहत इस सत्र के अंत तक इन्हें राज्य के प्रत्येक राजकीय माध्यमिक विद्यालय में उपलब्ध करा दिया जाएगा और अगले सत्र में यह सभी शिक्षकों के पास होगी। यह ग्रामर बुक इंग्लिश लैंग्वेज ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ईएलआईटी) की ओर से तैयार की जा रही है और इसमें माध्यमिक व उच्च शिक्षण संस्थानाें का सहयोग लिया जा रहा है।

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ग्रामर, राइटिंग स्किल्स (नोट राइटिंग, आर्टिकल राइटिंग, लेटर राइटिंग) और अनुवाद के लिए कोई प्रामाणिक पठन सामग्री उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में ईएलटीआई ने इस अकादमिक सत्र में सबसे पहले कक्षा 9-12 के लिए चार टीचर्स गाइड विकसित की, ताकि माध्यमिक शिक्षकों को नई पाठ्य पुस्तकों को पढ़ाने में सहूलियत हो।

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ईएलटीआई की ओर से अब माध्यमिक शिक्षकों के लिए जो अंग्रेजी ग्रामर की पुस्तक विकसित जा रही है, उसमें ग्रामर के विभिन्न पक्षों के साथ-साथ हिंदी-अंग्रेजी ट्रांसलेशन को भी शामिल किया गया है। हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद में विद्यार्थियों को होने वाली वास्तविक समस्याओं को चिह्नित कर उनके निराकरण के लिए सामग्री दी जा रही है, जिससे परीक्षाओं में वे अनुवाद से भयभीत न हों और समझ कर अनुवाद कर सकें।

पारंपरिक ग्रामर की पुस्तकों से हटकर इनमें व्याकरण के नियमों को ग्रामर के शब्दजाल से बचाते हुए बहुत आसान भाषा में दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को नियमों को रटना नहीं पड़ेगा और वे उन नियमों को समझकर स्वयं विभिन्न संदर्भों में प्रयोग कर सकेंगे। इनमें समय के साथ अनुपयोगी हो गए नियमों/विषय-वस्तु को सम्मिलित नहीं किया जा रहा है।

इस कार्य में ईएलटीआई के अकादमिक स्टाफ शमा परवीन, कृष्णा कुमारी, रेशु सिंह, संदीप दुबे, कुलदीप पांडे के साथ जीजीआईसी कौशाम्बी व प्रयागराज से रश्मि प्रिया सिंह, रूचि त्रिपाठी, रश्मिता सिंह, एलबीएस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संतोष शुक्ल व राजकीय पीजी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विष्णु प्रताप सिंह योगदान दे रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के शिक्षकों द्वारा इसके पुनरीक्षण बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

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