उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के 222 अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) की तैनाती की जाएगी। वहीं, प्रत्येक जिले में स्थापित कंट्रोल रूम पर प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष कुल 53,37,778 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें हाईस्कूल के 27,61,696 और इंटरमीडिएट के 25,76,082 परीक्षार्थी हैं। परीक्षा संचालन के लिए प्रदेश भर में 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हाल ही में मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में परिषद द्वारा तैयार कार्ययोजना पर शासन ने मुहर लगा दी है।
निर्देश दिए गए हैं कि सभी परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम की अनिवार्य रूप से जांच की जाए तथा अति संवेदनशील केंद्रों का प्रतिदिन दो बार अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाए। स्टैटिक मजिस्ट्रेट को सामान्य तौर पर बदला नहीं जाएगा, जबकि सीओ और एसओ नियमित पेट्रोलिंग करेंगे। परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटो कॉपी की दुकानों पर रोक रहेगी और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी, नियमित निरीक्षण और तकनीकी नियंत्रण के माध्यम से परीक्षा को पूरी तरह नकल विहीन बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
18 फरवरी से 12 मार्च तक चलेगी परीक्षा
पहली पाली- सुबह 8:30 से 11:45 बजे
दूसरी पाली- दोपहर 2:00 से 5:15 बजे तक
परीक्षार्थियों का विवरण
हाईस्कूल
संस्थागत: 27,50,862
व्यक्तिगत: 10,834
योग : 2761696
इंटरमीडिएट
संस्थागत: 24,91,373
व्यक्तिगत: 84,709
(योग 25,76,082)