यूपी बोर्ड विद्यार्थियों को बनाएगा आत्मनिर्भर, चर्चा को जुटे विशेषज्ञ
यूपी बोर्ड अपने विद्यार्थियों को डिजिटल साक्षरता, मौखिक - लिखित अभिव्यक्ति एवं संवाद, वैज्ञानिक सोच, सहयोग की भावना टीम वर्क आदि में दक्ष बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। इसके तहत परिषद में पांच दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई है। इसमें प्रदेश के 11 मंडलों के 15 विशेषज्ञ प्रतिभाग कर रहे हैं। यह कार्यशाला 31 दिसंबर तक चलेगी।
यूपी बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने बताया कि आज के दौर में माध्यमिक के विद्यार्थियों को ऐसे अनेक नवीन कौशलों एवं दक्षताओं में प्रवीण होना आवश्यक है। जिससे वे न सिर्फ एक अच्छे, सजग और आत्मनिर्भर नागरिक बन सकें। बल्कि परिस्थितियों से सफलतापूर्वक सामंजस्य स्थापित करते हुए अपने समाज के लिए उपयोगी भी सिद्ध हों। इसी उद्देश्य से नई शिक्षा नीति के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
इसमें मौलिक कर्तव्य एवं संवैधानिक मूल्यों का ज्ञान, भारत का ज्ञान, पर्यावरणीय जागरुकता, डजिटल साक्षरता, मौखिक - लिखित अभिव्यक्ति एवं संवाद, वैज्ञानिक सोच, सहयोग की भावना टीम वर्क आदि पर विस्तृत विचार विमर्श करते हुए, ऐसी गतिविधियों का चिह्नांकन एवं निर्धारण किया जा रहा है। ताकि सभी विद्यार्थी विद्यालय के परिवेश, पाठ्यचर्या शिक्षण अधिगम प्रक्रिया तथा क्रियाकलापों के माध्यम से स्वत: ही इन कौशलों सीख सकें। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई गतिविधियों को अगले सत्र से पाठ्यचर्चा में शामिल किया जाएगा।