परिषद के अनुसार कक्षा नौ, 10, 11 और 12 के विभिन्न विषयों की एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकें प्रदेश के राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्त विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। खास बात यह है कि ये पुस्तकें बाजार में उपलब्ध निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की तुलना में काफी सस्ती होंगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा। अभी तक सीबीएसई पैटर्न की अंग्रेजी माध्यम की किताबें निजी बाजार में महंगे दामों पर मिलती थीं, जिसके कारण कई छात्र पूरी पुस्तकें खरीदने में सक्षम नहीं हो पाते थे। यूपी बोर्ड की ओर से कम कीमत पर पुस्तकें उपलब्ध कराए जाने से छात्रों का आर्थिक बोझ कम होगा।
अभी तक हिंदी माध्यम की पुस्तकों का ही प्रकाशन कराया जाता था, लेकिन अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों की समस्याओं को देखते हुए अब अंग्रेजी भाषा में भी एनसीईआरटी पुस्तकों का प्रकाशन कराया जाएगा। इससे छात्रों को अध्ययन सामग्री प्राप्त करने में काफी सुविधा होगी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। - भगवती सिंह, सचिव, उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद