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UP Board News : यूपी बोर्ड के नाम से साइबर ठगी की साजिश, सभी जिलों को अलर्ट

Mon, 02 Feb 2026 06:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सोशल मीडिया पर सक्रिय साइबर ठगों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के नाम से मिलता-जुलता नाम रखकर कई फर्जी अकाउंट बना लिए हैं। ऐसे कई मामले सामने आने के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसे गंभीरता से लिया है।
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यूपी बोर्ड (UPMSP UP Board) - फोटो : आधिकारिक एक्स हैंडल यूपी बोर्ड (@upboardpryj)
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर सक्रिय साइबर ठगों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के नाम से मिलता-जुलता नाम रखकर कई फर्जी अकाउंट बना लिए हैं। ऐसे कई मामले सामने आने के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसे गंभीरता से लिया है। परिषद के सचिव ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को इस संबंध में पत्र जारी कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सचिव भगवती सिंह ने पत्र में कहा है कि यदि परिषद के नाम, लोगो अथवा पहचान से मिलते-जुलते किसी भी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी मिलती है तो उसकी तुरंत रिपोर्ट तैयार कर परिषद को सूचित किया जाए। साथ ही संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी ऐसे अकाउंट को रिपोर्ट किया जाए।

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माध्यमिक शिक्षा परिषद के पास फेसबुक पेज, व्हाट्सएप अकाउंट, एक्स (ट्विटर) हैंडल एवं इंस्टाग्राम अकाउंट जैसे आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। हाल ही में परिषद के एक अधिकारी की नजर फेसबुक पर बने एक संदिग्ध पेज पर पड़ी, जिसे माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज के नाम से संचालित किया जा रहा था। इस पेज पर करीब 6500 फॉलोअर भी जुड़े हुए पाए गए।

इसके बाद जब परिषद स्तर पर सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच कराई गई तो कई अन्य संदिग्ध और फर्जी अकाउंट भी सामने आए, जिनके नाम परिषद से काफी हद तक मिलते-जुलते हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन अकाउंट्स के माध्यम से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों के साथ-साथ विद्यालयों को भी साइबर ठगी का शिकार बनाया जा सकता है।

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परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के नाम और लोगो से मिलते-जुलते कई फर्जी फेसबुक पेज, व्हाट्सएप अकाउंट, हैंडल एवं इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए गए हैं, जिनके जरिए अपुष्ट और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित किए जाने की संभावना बनी हुई है। इससे परीक्षार्थियों और विद्यालयों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

सचिव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों के सभी विद्यालयों को सतर्क करें और स्पष्ट रूप से यह जानकारी दें कि परिषद से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट एवं सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट्स का ही उपयोग किया जाए। किसी भी प्रकार के मिलते-जुलते या संदिग्ध अकाउंट से जुड़ने से बचें।

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