परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के नाम और लोगो से मिलते-जुलते कई फर्जी फेसबुक पेज, व्हाट्सएप अकाउंट, हैंडल एवं इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए गए हैं, जिनके जरिए अपुष्ट और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित किए जाने की संभावना बनी हुई है। इससे परीक्षार्थियों और विद्यालयों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
सचिव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों के सभी विद्यालयों को सतर्क करें और स्पष्ट रूप से यह जानकारी दें कि परिषद से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट एवं सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट्स का ही उपयोग किया जाए। किसी भी प्रकार के मिलते-जुलते या संदिग्ध अकाउंट से जुड़ने से बचें।