63 पद भरने के लिए लिखित परीक्षा 17 जनवरी को हुई थी।
यूपी बोर्ड की परीक्षा का परिणाम इस बार करीब एक माह की देरी से आने की संभावना है। यह देरी विधानसभा चुनाव के कारण हुई है। आमतौर पर मार्च के अंत तक परीक्षा खत्म होने के बाद मई में परिणाम घोषित हो जाता था, लेकिन इस बार 27 अप्रैल से कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होगा और परिणाम 15 जून के आसपास घोषित होने की उम्मीद की जा रही है।
इस बार परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू हुईं। हाईस्कूल की परीक्षाएं एक अप्रैल को खत्म हुईं, जबकि इंटरमीडिएट की 21 अप्रैल को खत्म हो रही हैं। इसके बाद 27 अप्रैल से कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होगा। इसके लिए पूरे प्रदेश में 250 स्कूलों में मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इलाहाबाद में आठ केंद्रों पर कॉपियां जांची जाएंगी। हालांकि, हाईस्कूल के विद्यार्थियों को ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस बार स्कूलों में शैक्षिक सत्र जुलाई में शुरू होगा। पिछले वर्ष इसकी शुरुआत अप्रैल में हुई थी। जुलाई में सत्र शुरू होने का आदेश भी हो चुका है। बोर्ड सचिव शैल यादव के मुताबिक कॉपियों के मूल्यांकन का काम 15 दिन में पूरा कर रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी। इसके बाद परिणाम घोषित करने पर फैसला होगा।