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परीक्षा में गड़बड़ी पर डिबार होंगे केंद्र, प्रदेश में 8354 केंद्रों पर यूपी बोर्ड परीक्षा

Wed, 06 Feb 2019 07:47 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाएं बृहस्पतिवार से शुरू हो रही हैं। प्रदेश भर के 26515 विद्यालयों की परीक्षा के लिए 8354 केंद्र बनाए गए हैं। हाईस्कूल की परीक्षा सात से 28 फरवरी एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा सात फरवरी से दो मार्च के बीच होगी। परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल तक घोषित होंगे।
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बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि सामूहिक नकल की कोशिश पर परीक्षा केंद्र पर डिबार की कार्रवाई की जाएगी। हाईस्कूल में 3195603 तथा इंटरमीडिएट में 2611319 (कुल 5806922 परीक्षार्थी) भाग लेंगे। बोर्ड सचिव ने बताया कि अबकी बार प्रदेश के सभी जिलों में कोडिंग वाली उत्तर पुस्तिकाएं प्रयोग की जाएंगी।

9.15 लाख परीक्षार्थी कम हो गए
यूपी बोर्ड की 2019 की परीक्षा में 2018 की अपेक्षा 915846 परीक्षार्थी कम हो गए। बोर्ड की 2018 की परीक्षा में कुल 6722768 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जांच के बाद 83500 परीक्षार्थी योग्य नहीं पाए गए। इसके बाद 2018 की परीक्षा में अंतिम रूप से 6639268 परीक्षार्थी शामिल हुए। 
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यूपी बोर्ड परीक्षा एक नजर
कुल विद्यालय- 26515
कुल परीक्षा केंद्र- 8354
कुल परीक्षार्थी हाईस्कूल-3195603
कुल परीक्षार्थी इंटरमीडिएट-2611319
कुल परीक्षाथी -  5806922
संवेदनशील- 1314
अति संवेदनशील- 448

प्रयागराज बोर्ड परीक्षा एक नजर में
कुल परीक्षार्थी हाईस्कूल-116121
कुल परीक्षार्थी इंटरमीडिएट-108427
कुल परीक्षार्थी-224548
कुल परीक्षा केन्द्र-313 
सचल दल- नौ दल
संवेदनशील- 61
अति संवेदनशील- 24

सात को हाईस्कूल संगीत गायन, इंटर मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र की परीक्षा
यूपी बोर्ड की ओर से बृहस्पतिवार को शुरू हो रही परीक्षा के पहले दिन प्रात: आठ बजे से हाईस्कूल में संगीत गायन जबकि इंटरमीडिएट में पहली पाली प्रात: आठ से काष्ठ शिल्प, ग्रंथ शिल्प, सिलाई प्रथम प्रश्नपत्र तथा दूसरी पाली सायं दो बजे से संगीत गायन, संगीत वादन, नृत्यकला प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा होगी।
 
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कम सुविधा वाले विद्यालयों को बना दिया परीक्षा केन्द्र
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनाए गए विद्यालयों की खुली बाउंड्री, टूटी खिड़की, दरवाजे परीक्षा के दौरान परेशानी बन सकते हैं। इन विद्यालयों में छात्रों की जरूरत के अनुसार सुविधाआें का अभाव है। परीक्षा के दौरान नकल माफिया पहले भी खुली चहारदीवारी का लाभ उठाकर मनमानी करते रहे हैं। ऐसे में बोर्ड और प्रशासन की ओर से परीक्षा को लेकर पूरी तैयारी पर पानी फिर सकता है। सात फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा से पहले अधिकारियों की ओर से अभी तक केंद्रों की समीक्षा नहीं की गई है।

यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा से कुछ समय पहले परीक्षा केन्द्र बनाए गए विद्यालयों में अव्यवस्था का आलम है। बोर्ड की परीक्षाएं सात फरवरी से शुरू हो रही हैं। जिलाधिकारी एवं शिक्षा विभाग की ओर से नकल रोकने के लिए की गई तैयारी खुली बाउंड्री वाले स्कूलों के कारण बेकार हो सकती है। गंगापार,यमुनापार एवं कौशांबी के दूर दराज गांवों में परीक्षा केन्द्र बनाए गए विद्यालयों में बड़ी खामी का पता चला है। कई अभिभावकों ने परीक्षा केन्द्रों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है।

परीक्षा केन्द्र बनाए गए कई विद्यालयों की खिड़की खेत में खुलती है, खेत से होकर नकल कराने वाले बड़े आराम से नकल सामग्री कमरे के अंदर पहुंचाते रहे हैं। इनमें से कई परीक्षा केन्द्रों की खिड़की और दरवाजे टूटे हैं। विद्यालय में प्रवेश के भी एक ही रास्ता है, ऐसे में परीक्षा के दौरान उड़न दस्ते को विद्यालयों के अंदर जाने में परेशानी हो सकती है। परीक्षा केंद्र बनाए जाते समय अमर उजाला की ओर से परीक्षा केंद्रों के मानक को लेकर आपत्ति उठाए जाने के बाद भी मनमाने तरीकेसे परीक्षा केंद्र बना दिए गए। डीआईओएस आरएन विश्वकर्मा का कहना है कि केंद्र बने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को स्कूल की खामियां दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया है।

ये है परीक्षा केंद्र वाले स्कूलों का मानक
20 गुणे 25 के कमरे होने चाहिए
सभी कमरे हवादार और पर्याप्त रोशनी वाले होने चाहिए।
स्कूल में चहारदीवारी अनिवार्य है
परीक्षार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त मात्रा में फर्नीचर होने चाहिए।
स्कूल में शौचालय और पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।
स्कूल पहुंचने के लिए रास्ता होना चाहिए।

इमला बोलकर कराने वालों पर लगेगी लगाम
यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी और वायस रिकार्डिंग लगाए जाने के निर्देश के बाद केंद्रों पर बोलकर सामूहिक नकल कराने वालों पर लगाम लगेगी। बोर्ड की ओर से पिछले वर्ष परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी अनिवार्य किए जाने के बाद बोर्ड ने अबकी बार वायस रिकाडिंग भी अनिवार्य कर दी है। हालांकि बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी-वायस रिकार्डिंग के साथ नहीं लगा है।

यूपी बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पर सवाल
यूपी बोर्ड की ओर से सात फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। दूरदराज गांवों में बने परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं होने से उनके लुटने का संकट बना हुआ है। प्रधानाचार्य अपने घरों में प्रश्नपत्रों को रख रहे हैं। इससे प्रश्नपत्र की शुचिता को लेकर संकट है।
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