यूपी बोर्ड की ओर से इंटरमीडिएट भूगोल के दूसरे प्रश्नपत्र एवं ट्रेड कोर्स की परीक्षा के साथ 18 फरवरी से शुरू हुई बोर्ड परीक्षाएं सोमवार को पूरी हो गईं। महीने भर से अधिक समय तक चली परीक्षा में लगभग आठ लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा के दौरान सैकड़ों की संख्या में केंद्रों की परीक्षा निरस्त करने के साथ उनको डिबार करने की सिफारिश भी की गई। इस दौरान 2461 परीक्षार्थियों को नकल में पकड़ा गया।
परीक्षा पूरी होने के साथ अब यूपी बोर्ड मूल्यांकन की तैयारी में जुट गया है। बोर्ड की ओर से 30 मार्च से मूल्यांकन तथा 27 एवं 28 मार्च को मूल्यांकन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। बोर्ड परीक्षा में पहले ही दिन हिंदी की परीक्षा में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट में कुल मिलाकर 7.42 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी थी। बोर्ड की ओर से अबकी बार परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों का आंकड़ा जुटाने के लिए क्विक रिस्पांस कोड (क्यूआरसी) व्यवस्था लागू की गई थी। इस व्यवस्था को लागू करने के बाद भी बोर्ड अनुपस्थित छात्रों की जानकारी जुटाने के लिए पुरानी व्यवस्था पर ही लगा रहा। बोर्ड की ओर से लागू क्यूआरसी फेल हो गई।
बोर्ड की ओर से जारी नकलचियों के आंकड़े के अनुसार प्रदेश भर में कुल 2461 छात्र-छात्राओं को पकड़ा गया, जबकि वास्तविक आंकड़े इससे अधिक होंगे। बोर्ड के अनुसार हाईस्कूल में 624 छात्र, 295 छात्राएं एवं इंटरमीडिएट में 1041 छात्र एवं 501 छात्राओं को नकल में पकड़ा गया। इसमें सबसे अधिक 348 नकलची बलिया, 212 नकलची इलाहाबाद और 115 नकलची जालौन में पकड़े गए।