यूपी बोर्ड-2025 की इंटरमीडिएट की पहले चरण की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शनिवार को पूरी हो गईं। दूसरे चरण की परीक्षाएं नौ फरवरी से शुरू होंगी। बोर्ड ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) से पूछा है कि कितने परीक्षकों ने विभिन्न कारणों से प्रयोगात्मक परीक्षाएं लेने में असमर्थता जताई है।
इसके साथ ही यूपी बोर्ड ने यह भी पूछा है कि जिन परीक्षकों के फोन नंबर विद्यालयों की ओर से परिषद की वेबसाइट पर गलत दर्ज कर दिए गए थे, उनमें से कितने परीक्षकों ने फोन नंबर संशोधन के लिए आवेदन किए हैं। साथ ही परीक्षा के दौरान कितने परीक्षकों को बदला गया। वहीं, यह भी पूछा है कि ऐसे कितने विद्यालय या परीक्षार्थी हैं, जिनकी प्रयोगात्मक परीक्षाएं दूसरी जगह कराई गईं।
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट के 53 विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षाओं में कुल 19,481 परीक्षक लगाए गए हैं। पहले चरण में एक से आठ फरवरी तक मंडलवार अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी व गोरखपुर में परीक्षाएं कराई गईं, जिसके लिए 9,977 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। दूसरे चरण की परीक्षा के लिए 9,504 परीक्षक लगाए गए हैं।
नौ से 16 फरवरी तक दूसरे चरण में आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, अयोध्या, आजमगढ़, देवीपाटन व बस्ती मंडल के जिलों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। भौतिक विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए सर्वाधिक 16,50,482 व रसायन विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 16,50,937 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
पर्याप्त संख्या में बसों के संचालन के निर्देश
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान परीक्षार्थियों की सुविधा के मद्देनजर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने प्रमुख सचिव परिवहन विभाग को पर्याप्त संख्या में बसों के नियमित संचालन के लिए कहा है। मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र में 24 फरवरी से 12 मार्च तक होनी वाली हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के दौरान विभाग के स्टाफ से सहयोग की अपील की है। साथ ही विभाग के स्टाफ को निर्देश जारी करने को कहा है।