मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा और मांगे जाने पर सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध करानी होगी। मुख्य नियंत्रक एवं उप नियंत्रक की जिम्मेदारी होगी कि वह मूल्यांकन कार्य से संबंधित व्यक्ति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति मूल्यांकन केंद्र में प्रवेश नहीं करेगा। अन्यथा की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उप प्रधान परीक्षकों एवं परीक्षकों को भी मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मूल्यांकन कक्ष में ले जाने पर रोक है।
प्रयागराज के आठ केंद्रों में होगा मूल्यांकन
यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए प्रयागराज में आठ केंद्र बनाए गए हैं। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज, कुलभास्कर आश्रम इंटर कॉलेज, केपी इंटर कॉलेज, एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, केसर विद्या पीठ इंटर कॉलेज, जगत तारन इंटर कॉलेज, क्रॉस्थवेट इंटर कॉलेज, भारत स्काउट एंड गाइड इंटर कॉलेज शामिल हैं।
कंप्यूटर फर्मों में होगा ओएमआर शीट का मूल्यांकन
परीक्षाफल समय से तैयार किया जा सके, इसके लिए 20 अंकों की वस्तुनिष्ठ परीक्षा के लिए प्रयोग की गई ओएमआर शीट संबंधित कंप्यूटर फर्मों तक पहुंचाने का कार्य तीन चरणों में चार मार्च से ही शुरू करा दिया गया था, जो 18 मार्च को पूरा हो गया। एक तरफ केंद्रों में कॉपियों का मूल्यांकन होगा तो इसके साथ ही ओएमआर शीट का मूल्यांकन भी जारी रहेगा।
पहले दिन यूपी बोर्ड परीक्षा की 18.24 लाख कॉपियों का मूल्यांकन
यूपी बोर्ड की वर्ष 2025 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन प्रदेश के 261 केंद्रों में बुधवार से शुरू हो गया। हालांकि, पहले दिन आधे परीक्षक ही उपस्थित रहे जबकि छह फीसदी कॉपियां जांच ली गईं। ऐसे में परीक्षकों की संख्या बढ़ने पर मूल्यांकन कार्य में भी तेजी आएगी। यूपी बोर्ड ने दो अप्रैल तक तीन करोड़ से अधिक कॉपियां जांचने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पंद्रह दिनों में कुल तीन करोड़ एक लाख 48 हजार 236 कॉपियों का मूल्यांकन किया जाना है। इनमें हाईस्कूल की एक करोड़ 74 लाख 68 हजार 241 व इंटरमीडिएट की एक करोड़ 26 लाख 79 हजार 995 कॉपियां शामिल हैं। पहले दिन बुधवार को कुल 18 लाख 24 हजार 557 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें हाईस्कूल की 11 लाख 42 हजार 78 व इंटरमीडिएट की छह लाख 82 हजार 479 कॉपियां हैं।
यानी पहले दिन हाईस्कूल की 6.54 फीसदी और इंटरमीडिएट की 5.39 फीसदी कॉपियों का मूल्यांकन कर लिया गया। अब अगले 14 दिनों दो करोड़ 83 लाख 23 हजार 679 कॉपियाें का मूल्यांकन शेष रह गया है, जिनमें हाईस्कूल की अवशेष एक करोड़ 63 लाख 26 हजार 163 व इंटरमीडिएट की एक करोड़ 19 लाख 97 हजार 516 कॉपियां हैं।
कॉपियों के मूल्यांकन के लिए कुल एक लाख 41 हजार 510 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें से 73 हजार 951 परीक्षक (52.27 फीसदी) उपस्थित रहे। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि राजकीय व एडेड विद्यालयों से परीक्षकों की उपस्थिति 90 फीसदी के आसपास रही। निजी विद्यालयों से नियुक्त किए गए परीक्षकों की गैरहाजिरी ज्यादा रही।
अगले एक-दो दिनों में परीक्षकों की शतप्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कर ली जाएगी। मूल्यांकन समय से पूरा होगा। परीक्षाफल समय से तैयार किया जा सके, इसके लिए 20 अंकों की वस्तुनिष्ठ परीक्षा के लिए प्रयोग की गई ओएमआर शीट का मूल्यांकन भी कंप्यूटर फर्मों में शुरू करा दिया गया है। मूल्यांकन पूरा होने के बाद एक माह में रिजल्ट तैयार करने का लक्ष्य है।