प्रयागराज और लखनऊ में अधिवक्ताओं की हत्या तथा वकीलों के साथ आए दिन हो रही आपराधिक घटनाओं, जानलेवा हमले की घटनाओें से नाराज बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश बड़ा आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत शनिवार को सदस्यों की आपात बैठक बुलाई गई थी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि अधिवक्ता चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे। इसके तहत 16 जनवरी को प्रदेश के सभी जिलों में वकील सांकेतिक हड़ताल करेंगे। 17 जनवरी को लखनऊ पहुंचकर विधान सभा का घेराव किया जाएगा। इसके बाद सभी जिलों में धरना प्रदर्शन और ज्ञापन देने का कार्य होगा।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह और उपाध्यक्ष देवेंद्र मिश्र नगरहा ने बताया कि गत दिनों लखनऊ में अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी और प्रयागराज में सनाउल्लाह की हत्या कर दी गई। इस प्रकार से अधिवक्ताओं की हत्या की घटनाएं लगातार हो रही हैं। उन पर जानलेवा हमले भी हो रहे हैं। इससे प्रदेश के अधिवक्ताओं में काफी आक्रोश है।
शनिवार को काउंसिल के सदस्यों की बैठक में इस मुद्दे पर विचार करने के बाद आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। यह भी तय किया गया है कि पीड़ित वकीलों को शस्त्र लाइसेंस और मृतक वकीलों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की जाएगी।
अध्यक्ष का कहना है कि जिला अदालतों की सुरक्षा को लेकर मुख्य न्यायाधीश ने आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल की भी विशेष पीठ इस मुद्दे पर सुनवाई कर रही है। पुलिस और प्रशासन को कोर्ट ने कई निर्देश जारी किए हैं इसके बावजूद सरकार वकीलों को सुरक्षा देने में नाकाम रही है। बार कौंसिल में वकीलों की विधवाओें को आर्थिक मदद देने, युवा वकीलों को स्टाइपेंड दिए जाने, वकीलों के मेडिकल क्लेम जैसे तमाम अधिवक्ता कल्याण के मामले भी लंबित हैं। इन पर सरकार के कई बार बजट देने की मांग की गई है।