बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के नए अध्यक्ष पर अभी निर्णय नहीं हो सका है। शनिवार को हुई सदस्यों की आपात बैठक में इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी कि अध्यक्ष का छह माह का कार्यकाल उपाध्यक्ष को सौंपा जाए या नया चुनाव कराया जाए। सदस्यों ने दिवंगत अध्यक्ष दरवेश यादव के चित्र पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धांजलि दी । बैठक में दो मिनट का मौन भी रखा गया। इसके बाद सदस्यों ने दरवेश के निधन से रिक्त हुए अध्यक्ष पद पर नई नियुक्ति और सदस्यों को सुरक्षा मुहैया कराने के मुद्दे पर चर्चा की।
दरवेश का कार्यकाल शुरुआत के छह महीने का था, इसलिए इसके बाद के छह माह के लिए अध्यक्ष चुने गए हरिशंकर सिंह को साल भर के लिए नियमानुसार अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता है। बार कौंसिल में इस बार उपाध्यक्ष भी छह-छह माह के लिए दो चुने गए हैं। बैठक की अध्यक्षता पहल छमाही के लिए उपाध्यक्ष बने प्रशांत सिंह अटल ने कार्यवाहक अध्यक्ष के तौर पर की। सूत्रों के मुताबिक चूंकि उपाध्यक्ष को अध्यक्ष की गैरहाजिरी में उनका काम देखने का अधिकार है, मगर यहां मामला अध्यक्ष के निधन से पद रिक्त होना है, इसलिए उपाध्यक्ष को कार्यकाल सौंपने पर भी सहमति नहीं बन सकी। इसलिए नए अध्यक्ष की नियुक्ति का मामला अगली बैठक के लिए टाल दिया गया।
सदस्यों ने सर्वसम्मति से सुरक्षा का मामला सरकार के सामने उठाने का निर्णय लिया है। स्व. दरवेश के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने तथा कचहरी में असलहों के साथ प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग की गई है। यदि कोई असलहे के साथ प्रवेश करता है तो उसका लाइसेंस निलंबित किया जाए। बार कौंसिल के सदस्यों का प्रोटोकॉल निर्धारित करने की सरकार से मांग की गई है, ताकि उनको सुरक्षा मुहैया कराई जा सके। बैठक में हरिशंकर सिंह, देवेंद्र मिश्र नगरहा के अलावा श्रीनाथ त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता बीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, जय नारायण पांडेय, प्रदीप कुमार सिंह, अंकज मिश्र, अब्दुल रज्जाक खां, इमरान माबूद खां, पांचू राम मौर्य, अमरेंद्र नाथ सिंह, अजय यादव, अजय कुमार शुक्ला और अखिलेश कुमार अवस्थी मौजूद थे।